जबलपुर दर्पण

जबलपुर में ’ग्रीन मोबिलिटी’ का नया युग : 100 इलेक्ट्रिक ए.सी. बसों का संचालन जल्द

जबलपुर दर्पण । महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू एवं निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने बताया कि शहर के नागरिकों को अब पी.एम. ई बस योजनांतर्गत अत्याधुनिक तकनीकी सुविधाओं से सुसज्जित आरामदायक और प्रदूषण मुक्त सफर की सौगात मिलने जा रही है। जे.सी.टी.एस.एल. द्वारा शहर के प्रमुख मार्गों पर 100 अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक ए.सी. बसों का संचालन शुरू किया जा रहा है। ये बसें न केवल आधुनिक तकनीकी सुविधाओं से लैस होंगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक बड़ा कदम साबित होंगी।

प्रमुख विकास और अधोसंरचना- निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने बताया कि बसों के रखरखाव और चार्जिंग के लिए कठोंदा में 4 एकड़ में एक विशाल डिपो का निर्माण किया जा रहा है। वर्तमान में यहाँ चार्जिंग अधोसंरचना का कार्य 70 प्रतिशत तक पूर्ण हो चुका है।

100 बसों का बेड़ा तीन चरणों में शहर पहुंचेगा-निगमायुक्त श्री अहिरवार ने बताया कि प्रथम चरण में 40 बसें, द्वितीय चरण में 35 बसें, एवं तृतीय चरण में 25 बसें शहर पहुॅंचेंगी, बसों का संचालन इस प्रकार किया जाएगा कि यात्रियों को हर 5 से 10 मिनट के अंतराल में बस उपलब्ध हो सके। उन्होंने बताया कि बसों का रूट क्रमशः E-1 मदर टेरेसा से रांझी, घाना, सोनपुर. वाया घमापुर, E-2 करमेता से रांझी, घाना वाया कांचघर, E-3 पनागर से पनागर वाया दमोहनाका, E-4 पनागर से पनागर वाया घमापुर, E-5 आई.एस.बी.टी. से बरेला शारदा मंदिर वाया तीन पत्ती, E-6 आई.एस.बी.टी. से भेड़ाघाट वाया अंधमुख बायपास, E-7 आई.एस.बी.टी. से गौरीघाट वाया त्रिमूर्ति नगर, E-8 रेलवे स्टेशन से भेड़ाघाट वाया सगडा, चौकीताल, E-9 आई.एस.बी.टी. बरगी डेम वाया तीन पत्ती, तिलवारा, E-10 आई.एस.बी.टी. से शाहपुरा वाया तीन पत्ती, अन्धमुख, E-11 रेल्वे स्टेशन से पाटन, एवं E-12 आई.एस.बी.टी. से एयरपोर्ट वाया यूनिवर्सिटी पर संचालन किया जायेगा।

तकनीकी सुविधाएँ और सुरक्षा-निगमायुक्त श्री अहिरवार ने बताया कि ये बसें ’डिजिटल बस’ के रूप में संचालित होंगी, जिनमें यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। जिसमें डिजिटल पेमेंट और ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम, सी.सी.टी.वी. कैमरे, पैनिक बटन और जीपीएस ट्रैकिंग, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम और रियल-टाइम पब्लिक इंफॉर्मेशन डिस्प्ले, के साथ-साथ ये बसें सिंगल और अपॉर्चुनिटी चार्जिंग की मदद से प्रतिदिन 180 किलोमीटर का सफर तय करेंगी।

आर्थिक और पर्यावरणीय प्रभाव- उन्होंने बताया कि बसों का संचालन ग्रॉस कॉस्ट मॉडल पर होगा, जिसमें सरकार ऑपरेटर को 58.14 रूपये प्रति कि.मी. का भुगतान करेगी। इस पहल से प्रतिवर्ष लगभग 47.45 लाख किलोग्राम कार्बनडयाक्साई CO2 उत्सर्जन में कमी आएगी। प्रतिदिन लगभग 50,000 यात्रियों को सुगम और सस्ती यात्रा का लाभ मिलेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page

situs nagatop

nagatop slot

kingbet188

slot gacor

SUKAWIN88