संभागीय कोष एवं लेखा कार्यालय द्वारा ऑनलाइन सेवा पुस्तिकाओं का अनुमोदन समय सीमा में किया जाए
जबलपुर दर्पण । मध्य प्रदेश जागरूक अधिकारी कर्मचारी संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष रॉबर्ट मार्टिन ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि जबलपुर जिले में संयुक्त संचालक कोष एवं लेखा कार्यालय में सेवा पुस्तिकाओं का अनुमोदन समय सीमा में नहीं किया जाता l समंधित कार्यालय के कर्मचारियों द्वारा उदासीनता दिखाई जाती है l एक एक सेवा पुस्तिका के अनुमोदनों में महीनो लगाए जाते हैं, अनावश्यक आपत्ति लगा प्रकरण वापस किए जाते हैं, इस हिला हवाली के चलते कर्मचारियो का आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान होते है उन्हें समय पर देय स्वतवों का लाभ नहीं मिल पाता है। संघ ने आगे बताया कि इस कार्यालय में अनिमिताएँ इस कदर बढ़ चुकी है कि सेवा पुस्तिका अनुमोदनो के प्रकरण महीनों रोक परेशान किया जाता है और महीनों बाद प्रकरण को निरस्त कर दिया जाता है, एक ही प्रकार के कई प्रकरण निरस्त कर दिए जाते है तो कुछ विशेष के एप्रूव कर दिए जाते हैं और जहां इनकी मन की मुराद पूरी हो जाए तो शीघ्र सेवा पुस्तिका अनुमोदन हो जाते हैं। विगत कुछ वर्षों में दो बार संभागीय कोष लेखा एवं पेंशन कार्यालय में लोकायुक्त छापे भी पड़ चुके है पर स्थिति ज्यों की त्यों है। उच्च अधिकारियों की मिलीभगत के चलते इस कार्यालय से अनियमिताएँ कम होने का नाम नहीं ले रही।जिससे जिले के कर्मचारियों में अत्यधिक रोष व्याप्त हैं । माननीय कलेक्टर महोदय से संगठन मांग करता है की मामले को तत्काल संज्ञान में लेते हुए सेवा पुस्तिका के अनुमोदन की समय सीमा निर्धारित की जाए। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष- रॉबर्ट मार्टिन, राकेश श्रीवास, राजेश सहारिया, दिनेश गोंड, फिलिप अन्थोनी, हेमंत ठाकरे, गुडविन चार्ल्स, रऊफ खान, एनोस विक्टर, सुरेन्द्र चैधरी, उमेष सिंह ठाकुर, संतोष चौरसिया, विनोद सिंह, राजकुमार यादव, सुधीर अवधिया, धनराज पिल्ले, सुनील झारिया, मकसूद अहमद कादरी, गोपीषाह, आषा राम झारिया, मनीष मिश्रा, सुधीर पावेल, राजेन्द्र सिंह, रामदयाल उईके, अफरोज खान, देवेन्द्र पटेल, रवि जैन नेत राम, नीरज मरावी, वीरेन्द्र श्रीवास, विनय रामजे, आषीष कोरी आदि ने मांग की है .
