25 दिनों से भुगतान अटका, किसानों ने निकाली ‘शासन-प्रशासन’ की अर्थी; 11 मार्च को उग्र आंदोलन की चेतावनी

मनीष श्रीवास जबलपुर दर्पण । जबलपुर जिले के पाटन विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 95 अंतर्गत मझौली तहसील में किसानों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। अपनी उपज के बकाया भुगतान को लेकर भारतीय किसान संघ के बैनर तले किसान विगत 25 दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। शुक्रवार 27 फरवरी 2026 को किसानों का धैर्य टूटता नजर आया और उन्होंने शासन-प्रशासन के विरोध में प्रतीकात्मक अर्थी जुलूस निकालकर तहसील कार्यालय परिसर के समीप उसका दहन किया। किसानों का आरोप है कि लगातार पत्राचार और धरना-प्रदर्शन के बावजूद उनकी उपज का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। इस संबंध में संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र पटेल ने मीडिया से चर्चा में बताया कि जिला प्रशासन को कई बार ज्ञापन सौंपे गए, किंतु अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि 25 दिनों से किसान मझौली में धरना दे रहे हैं, लेकिन न तो संतोषजनक आश्वासन मिला और न ही बकाया राशि का भुगतान हो सका है। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि जब धैर्य की सीमा समाप्त होती है, तो जनाक्रोश उग्र रूप ले सकता है। इसी के तहत उन्होंने तहसील कार्यालय के सामने अधिकारियों की उपस्थिति में शासन-प्रशासन की प्रतीकात्मक अर्थी जलाकर विरोध दर्ज कराया। आंदोलनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि अब तक न तो जिला कलेक्टर ने धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों से संवाद किया और न ही भुगतान की स्पष्ट समयसीमा घोषित की गई। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र भुगतान नहीं हुआ तो 11 मार्च को उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान किसानों ने तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए बकाया राशि का त्वरित भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की। ज्ञापन लेते समय प्रशासनिक अधिकारियों ने आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन अवश्य दिया, किंतु क्षेत्र में स्थिति फिलहाल तनावपूर्ण बनी हुई है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन किसानों की मांगों पर कितनी शीघ्रता से निर्णय लेता है, ताकि स्थिति सामान्य हो सके और किसानों को उनके श्रम का उचित प्रतिफल समय पर प्राप्त हो सके।



