बजट बैठक बनी रणभूमि: कुलगुरु हटाओ’ के नारों से गूंजा विश्वविद्यालय परिसर, एनएसयूआई का प्रदर्शन, पुलिस से झड़प

जबलपुर दर्पण । रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर में सोमवार को आयोजित विश्वविद्यालय कोर्ट की बैठक के दौरान परिसर में उस समय तनावपूर्ण स्थिति निर्मित हो गई, जब भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के कार्यकर्ताओं ने आईक्यूएसी सभा भवन के बाहर विरोध-प्रदर्शन प्रारंभ कर दिया। बैठक के भीतर जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी विभिन्न प्रशासनिक विषयों पर विचार-विमर्श कर रहे थे, वहीं बाहर एकत्रित छात्र कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया।
जिला अध्यक्ष सचिन रजक एवं हेमंत द्विवेदी के नेतृत्व में आए प्रदर्शनकारी छात्रों ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की मूलभूत समस्याओं की अनदेखी कर रहा है तथा निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव है। उन्होंने कुलगुरु को प्रशासनिक विफलताओं के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। इस दौरान ‘कुलगुरु हटाओ’ जैसे नारों से परिसर गूंज उठा, जिससे कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब कुछ कार्यकर्ताओं ने सभा कक्ष में प्रवेश करने का प्रयास किया, जिसे मौके पर मौजूद पुलिस बल ने मुख्य द्वार पर ही रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक एवं धक्का-मुक्की की स्थिति भी उत्पन्न हुई। बाद में वहां उपस्थित कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया एवं ओंकार सिंह मरकाम ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने छात्रों से संवाद स्थापित कर उनकी मांगों और समस्याओं को संबंधित मंच पर उठाने का आश्वासन दिया, जिसके पश्चात प्रदर्शन शांत हो गया।
सचिन रजक ने विश्वविद्यालय के प्रस्तुत बजट को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना था कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने लगभग 105 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया है, जिसमें 22 करोड़ रुपये का घाटा दर्शाया गया है। छात्रों ने यह भी उल्लेख किया कि विगत लगभग डेढ़ वर्ष से कुलगुरु द्वारा यह दावा किया जाता रहा है कि उन्होंने एक वर्ष में 19 करोड़ रुपये की बचत की है। छात्रों ने इस संदर्भ में सवाल उठाया कि यदि उक्त बचत का दावा सही है, तो फिर 105 करोड़ रुपये के बजट में 22 करोड़ रुपये का घाटा कैसे दर्शाया जा रहा है।
यह घटनाक्रम विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्र समुदाय के बीच बढ़ते असंतोष एवं संवादहीनता को दर्शाता है। आवश्यकता है कि प्रशासन तथ्यात्मक पारदर्शिता के साथ छात्रों की चिंताओं का समाधान करे और संवाद की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करे, ताकि भविष्य में इस प्रकार की स्थितियों की पुनरावृत्ति न हो।
प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष सचिन रजक, हेमंत द्विवेदी, राष्ट्रीय सचिव करन तामसेतवार, अमित मिश्रा,अनुज यादव,सक्षम यादव,राहुल रजक, अनिल मिश्रा, यश सोनी ,अभिनव मिश्रा, पुष्पेन्द्र गौतम ,राहिल पाण्डेय,वंश ताम्रकार, आदित्य सिंह,सोनल ,अभिषेक पटेल, अंकित धुर्वे, सहित भारी संख्या मे छात्र उपस्थित थे।



