दस लाख की रिकवरी पर कोर्ट ने लगाई रोक

जबलपुर दर्पण । मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत् वितरण कंपनी लिमिटेड हरदा में तत्समय कार्यरत सहायक प्रबंधक/ जूनियर इंजीनियर मसनगावं निवासी गणेश यादव को महाप्रबंधक (सञ्चालन एवं संधारण), हरदा द्वारा दोहरी शास्ति अधिरोपित करते हुए संचई प्रभाव से रोके जाने का आदेश दिया था। जिसके साथ ही उसी आदेश के द्वारा रु 10,27,457/- की रिकवरी वेतन से प्रतिमाह रु 19,760/- 51 महीनो तक एवं 52 वे महीने में राशि रु 19,697/- करने के निर्देश दिए गए । उच्च न्यायलय की एकल पीठ के न्यायाधीश मनिंदर सिंह भट्टी की बेंच ने उपरोक्त आदेश को अवैध एवं बिना क्षेत्राधिकार के पाते हुए सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूनियन ऑफ़ इंडिया बनाम एस सी पराशर में प्रतिपादित विधि के सिद्धांतों के प्रतिकूल पते हुए उस पर स्थगन आदेश जारी करते हुए याचिकाकर्ता को 10 दिन के भीतर मुख्य महाप्रबंधक (भोपाल क्षेत्र ) के अपील प्रस्तुत करने तथा उन्हें 60 दिनों के भीतर अपील कर निराकरण गुण दोष पर करने का निर्देश प्रदान किया गया और जब तक अपील का निराकरण नहीं हो जाता तब तक स्थगन आदेश प्रभावशील रहेगा ।याचिकाकर्ता की ओर विजय राघव सिंह, पूनम सिंह, अजय नंदा एवं मनोज चतुर्वेदी अधिवक्तागण ने पैरवी की ।



