जबलपुर दर्पण

पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री सम्पत उपाध्याय ने ली अपराध समीक्षा बैठक,

जबलपुर दर्पण । पुलिस अधीक्षक जबलपुर सम्पत उपाध्याय (भा.पु.से.) द्वारा पुलिस कन्ट्रोलरूम में दिनॉक 10-4-2026 को दोपहर 2 बजे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर आयुष गुप्ता (भा.पु.से.), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध जितेन्द्र सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) सुश्री अंजना तिवारी, की उपस्थिति में अपराध समीक्षा बैठक ली गयी।
बैठक में समस्त राजपत्रित अधिकारी एवं थाना प्रभारी तथा चौकी प्रभारी उपस्थित रहे।बैठक में आपके द्वारा त्रिवार्षिक तुलनात्मक भा.द.वि/बी.एन.एस. तथा प्रतिबंधात्मक एवं माईनर एक्ट की विस्तार से समीक्षा की गयी।
आपके द्वारा थानावार लंबित गम्भीर अपराध हत्या एवं हत्या के प्रयास, लूट, झपटमारी, नकबजनी एवं एस.सी.एस.टी. एक्ट, तथा महिला सम्बंधी अपराधों की विस्तार से समीक्षा की गयी एवं लंबित अपराधों कें निराकरण के सम्बंध मे आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये । लंबित धारा 363 भादवि/137 (2) बी.एन.एस. के प्रकरण में अपहृत अवयस्क बालक/बालिकाओं की हर सम्भव प्रयास कर दस्तयाबी करें। अपहृत अवयस्क बालक/बालिकाओं के जिले से बाहर होने की जानकारी मिलने पर तत्काल टीम बनाकर भेजते हुये दस्तयाबी सुनिश्चित कराये। आपने सी.एम. हैल्प लाईन, वरिष्ठ कार्यालयों तथा जन सुनवाई, की शिकायतों की समीक्षा करते हुये आदेशित किया कि लंबित शिकायतों का त्वरित निराकरण करें, इसमें किसी भी प्रकार की कोई लापरवाही न बरती जाये।
महिला सम्बंधी घटित हुये अपराधों में संवेदनशीलता बरतते हुये तत्काल आरोपी की गिरफ्तारी कर शीघ्र विवेचना पूर्ण कर चालान पेश करें। इसी प्रकार महिला सम्बंधी शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जाये।
चिन्हित अपराधों की समीक्षा कर चिन्हित अपराधों के नोडल अधिकारियों की समय समय पर बैठक लेते हुये प्रकरणों में विवेचना में हुई प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुये आगामी कार्य विवेचना के सम्बंध में सम्बंधित राजपत्रित अधिकारियों तथा थाना प्रभारियो को निर्देशित करते हुये कहा कि चिन्हित गम्भीर अपराध में हर हाल में आरोपी को उसके किये की सजा होनी चाहिये, इस हेतु विवेचना मे किसी भी प्रकार की कोई ,त्रुटि न हो इसका ध्यान रखें।
बैठकों में सी.सी.टी.एन.एस. डिजिटल इंट्रीगेशन सम्बंधी कार्यवाही ई साक्ष्य, ई विवेचना, ई-एफ.आई.आर., ई-चालान, ई-संमस के सम्बंध में समीक्षा करते हुये ई साक्ष्य, ई विवेचना, ई-एफ.आई.आर., ई-चालान, ई-संमस में सी.सी.टी.एन.एस. के अन्तर्गत प्रैक्टीकली क्या दिक्कतें आ रही है, की जानकारी लेते हुये सी.सी.टी.एन.एस. प्रभारी से चर्चा कर उनका समाधान करने हेतु निर्देशित किया। थाने के सभी अधिकारी कर्मचारी इसमें पारंगत हो इसका विशेष ध्यान रखें।
आपने निर्देशित किया गया कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने हेतु एैसे स्थान जहॉ अधिक एक्सीडेंट हो रहे है को ब्लैक स्पॉट के रूप मे ंचिन्हित करें। चिन्हित किये गये ब्लैक स्पॉट में हो रही सड़क दुर्घटनाओं के कारण एवं उनके निदान के लिए किये जाने वाले सुधारात्मक उपाय के संबंध में संबंधित रोड एजेंसियों के प्रतिनिधियों से चर्चा कर संबंधित रोड एजेंसीज, संबंधित थाना प्रभारी, यातायात पुलिस अधिकारी ब्लैक स्पॉट एवं थाना के अन्य दुर्घटनाजन्य स्थानों का संयुक्त निरीक्षण करते हुये हो रही सडक दुर्घटनाओं के कारण का पता कर उनके निदान हेतु चिन्हित किये गये ब्लैक स्पॉट पर आवश्यकतानुसार रंबल स्ट्रिप, स्पीड ब्रेकर, संकेतक बोर्ड एवं सूचना बोर्ड लगवाये ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लायी जा सके।
ई-डार (eDAR ) पोर्टल के बारे मे विस्तार से बताते हुये कहा कि ई-डार (eDAR ) पोर्टल सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा विकसित एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो सड़क दुर्घटनाओं की त्वरित रिपोर्टिंग, डेटा प्रबंधन और मुआवजे के दावों की प्रक्रिया को तेज करने के लिए एकीकृत सड़क दुर्घटना डेटाबेस (iRAD) से जुड़ा है। जिले में एक्सीडेंट में घायल के त्वरित ईलाज हेतु कुछ अस्पताल चिन्हित किये गये है जहॉ घायल को मुफ्त इलाज होता है ।

समीक्षा के दौरान ही एडवोकेट श्री अरिहंत तिवारी द्वारा एन.एस.ए. की प्रकिया पर चर्चा करते हुये की जाने वाली कार्यवाही के दौरान होने वाली कमी के बारे मे बताते हुये दूर करने के उपाय बताये।

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