खितौला श्मशान घाट में युवक का जला शव मिलने से सनसनी

मनीष श्रीवास जबलपुर दर्पण । जबलपुर जिले के सिहोरा अंतर्गत उप नगर खितौला थाना स्थित हिरन नदी के किनारे बने श्मशान घाट में सुबह सुबह एक सनसनीखेज एवं हृदयविदारक घटना सामने देखने को मिली। यहां शनिवार की बीती रात एक युवक द्वारा शमशान में चिता पर लेटकर आत्महत्या किए जाने की घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत और चर्चा का माहौल बन रहा।
थाना खितौला पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम लगभग 5:30 बजे खितौला श्मशान घाट में एक मृतक का अंतिम संस्कार किया गया था। अंतिम संस्कार के उपरांत परिजन जलती चिता को देर शाम छोड़कर अपने घर लौट गए थे। इसी दौरान रात करीब 3 बजे सिब्बू कोल उर्फ शुभम कोल पिता विनोद कोल उम्र 27 वर्ष निवासी खितौला, अचानक अपने घर से निकल गया था। जब परिजनों द्वारा सुबह करीब 6 बजे खितौला थाने में उसकी गुमशुदगी की सूचना दर्ज कराई गई। जिसके बाद परिजन एवं परिचित उसकी तलाश में जुट गए।इसी क्रम में सुबह लगभग 7 बजे जब संबंधित परिजन श्मशान घाट पहुंच कर और चिता की राख (खारी) एकत्रित करने गए । तब उन्होंने देखा कि उसी चिता के ऊपर एक युवक का आधा जला हुआ शव पड़ा है। यह दृश्य देखकर वहां उपस्थित लोग स्तब्ध रह गए । और तत्काल इस घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। बिना विलम्ब सूचना मिलते ही खितौला थाना प्रभारी रमन सिंह ने अपने थाना की टीम को मौके पर पहुंचा कर तत्काल युवक को चिता से बाहर निकाल कर स्थिति को नियंत्रित करते हुए ।पुलिस ने शव को चिता से अलग कर अपने कब्जे में लिया तथा जांच प्रारंभ की। जांच के दौरान मृतक की पहचान सिब्बू कोल उर्फ शुभम कोल के रूप में की गई।प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस द्वारा सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए विस्तृत जांच की जा रही है। परिजनों एवं आसपास के लोगों से पूछताछ कर घटना के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। इस असामान्य घटना के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं तथा लोगों में भय और चर्चा का वातावरण बना हुआ है।
इनका कहना – घटित घटना में पाए गए युवक का एवं परिजनों की जॉच पड़ता में पाया गया कि रात्रि में मृतक का इलाज कराया गया था और पत्नी के द्वारा दवाईयां खिलाने के बाद वह सो गया था। मानसिक हालत ठीक न होने के कारण वह कब घर से निकल गया पता ही नहीं चला।
इस घटना के बाद मृतक का पोस्टमार्टम एवं अन्तिम संस्कार परिजनों की उपस्थिति में दोपहर को कराया गया।



