एच बी एन सी शिशु सुरक्षा सुविधा पर जिला अधिकारी के शख्त निर्देश, लापरवाही और अनियमितता की करें रिपोर्ट के साथ कार्यवाही, शिकायत आवेदन पत्र से जागे अब अधिकारी?

मनीष श्रीवास जबलपुर दर्पण। जबलपुर जिले में स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत विभिन्न योजनाओं की कार्यप्रणाली और कर्तव्यों को लेकर जिस प्रकार से स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार की शिकायत लगातार अखबारों की सुर्ख़ियों में बनीं हुई हैं। वहीं एक बार फिर इस विषय को लेकर आशा कार्यकर्ताओं को निराशा के साथ शर्मिंदा होना पड़ हैं। जी हां हम बात कर रहे हैं जिले की स्वास्थ्य से जुड़ी सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर जहां हालही में कुछ आशा कार्यकर्ताओं को HBNC शिशु सुरक्षा किट का तो विवरण किया गया हैं ? लेकिन उस बैंग की कीट में क्या क्या उचित सामग्री दी गई। वह जिनको यह कीट प्राप्त हुई हैं वहीं जवाब दे पाएंगी। फिलहाल जिस प्रकार जिल में चर्चित भ्रष्टाचार और लापरवाही के नाम से प्रसिद्ध जिला कम्युनिटी मोबिलाईजर दीपिका साहू द्वारा किया गया। वह बड़ा ही प्रश्नों भरा सवाल स्वास्थ्य विभाग और जिला अधिकारियों को नर्मस्थक किए हुए हैं।
क्यों किया आशा एच.बी.एन.सी . किट के खरीदी मे भ्रष्ट्राचार ?
जिले में हुई बिना टेन्डर के खरीद 1357 किट प्रति दर किट 800/- रूपयें मानदेय से कुल क्रय की जाने थी । जबकि यह किट 10,85,600 रूपयें किट बिना किसी टेन्डर से क्रय की गई हैं । देखा जाए तो रा.स्वा.मि. के पत्र क्र/एन.एच.एम./2025/2411 भोपाल दिनांक 23.07.2025 के पत्रानुसार सामग्री को क्रय किया जाना था । उक्त कार्य को म.प्र. भंण्डार क्रय नियम के अनुसार 500000.00 (पांच लाख) की राशि से अधिक पर समिति निविदा एवं टेन्डर किया जाना होता है। इसी प्रकार यदि सामग्री का मुल्य 10,00000.00 (दस लाख) रूपये से ज्यादा है तो उसे ओपन टेन्डर भी लिकाला जा सकता हैं। किन्तु इस भ्रष्ट्राचार में लिप्त दीपिका साहू द्वारा भंडार क्रय नियमों का पालन भी नहीं किया गया। साथ ही इन सामग्री को अलग अलग टुकडो में खरीदा गया । साथ इन अलग – अलग पॉर्ट में भुगतान भी किया गया है। उक्त खरीदी में दीपिका साहू के द्वारा कोई भी निम्नानुसार नियमो पालन नही किया गया । और जिला प्रशासन के पद का दुरुप्रयोग कर शासकीय पैसा का हेर फेर अधिक किया गया।
शासन प्रशासन की नियमा वाली – टैंडर प्रक्रियाओं में कार्य –
- दस लाख रूपये से अधिक सामग्री को क्रय करने के लिए माननीय जिला कलेक्टर से अनुमति नही ली गई । साथ इस विषय में कोई भी जानकारी से उन्हें भी अवगत नही कराया ।
- एन.व्ही.एन.सी. किट को एन.एच.एस.आर.सी. के स्पेसिफिकेशन के माध्यम से क्रय किया जाना था । पर उनके द्वारा किसी भी स्पेसिफिकेशन का पालन नही किया गया। जबकि इस कार्य की संम्पूर्ण जिम्मेदारी दीपिका साहू की बनती हैं ।
- किट खरीदने एवं गुणवत्ता की जांच के लिए क्रय समिति को बनाया जाना था। लेकिन सुश्री दीपिका साहू के द्वारा नही बनाया गया । बिना किसी अनुमति के सीधे पार्ट पार्ट में क्रय आदेश जारी भी कर दिए गए। बड़े सवाल और जॉच के घेरे में क्यों? विभागीय कार्य में दीपिका साहू के द्वारा अनेक प्रकार के भ्रष्ट्राचार तत्कालीन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के सामने मिलकर किये गये । यहां तक कि आशा डायरियों की प्रिन्टीग में भी घटिया गुवत्ता की सामग्री क्रय की गई। देखा जाए तो इन सामग्री में इतनी छोटी डायरी प्रदाय की गई कि उक्त डायरी में आशा कार्यकर्ता कुछ लिख ही नही पा रही है । और तो और इनके द्वारा उचित कीट में पूर्ण सामग्री न होने पर भी भारी भ्रष्ट्राचार किये गये थें । इसकी शिकायत पूर्व मंत्री के द्वारा मिशन संचालक को शिकातय लिखित रूप से दी जा चुकीं है।
4, अपने बचाव को लेकर रातों रातों चोरी छुपे सुपरवाइजर के माध्यम से डायरियां वितरित भी कराई गई।
देखा जाए तो जिले भर में लगभग 500 से अधिक आशा कार्यकर्ता कार्य रत है ।
पर इनके द्वारा केवल अपनी ही चंद्र चहेती आशा कार्यकर्ताओं को एक-दो स्वास्थ्य केंद्र में ही किट बांटी गई हैं ।
वहीं बाकी अन्य आशा कार्यकर्ताओं से दूरी भी बनाई गई हैं।
जिससे कि कुछ आशाओं ने कार्य करने से भी मना कर दिया है।
वहीं इनकी के साथ और मिल कर बड़ा भ्रष्टाचार की पोल खोलती है ?
सहायक कार्यक्रम प्रबंधक संदीप नामदेव एवं दीपिका साहू जिला कम्युनिटी मोबिलाइजर की भ्रष्टाचार की पोल धीरे धीरे विभाग में अब खुल रहीं है। सभी आशा कार्यकर्ता ने ऐलान किया हैं अगर जल्द से जल्द इन भ्रष्ट अधिकारियों के ऊपर कोई कार्यवाही नहीं होती है तो हम सब आशा कार्यकर्ता प्रदेश व्यापी आंदोलन करेंगे । जिसकी समस्त जिम्मेदारी जिला कलेक्टर एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की होगी। वहीं दूसरी मांग है इन भ्रष्ट अधिकारियों की जल्द से जल्द राज्य समिति या अन्य जिले के लेवल से इनकी जांच होना चाहिए। क्योंकि इनके ऊपर राजनीतिक संरक्षण एवं ऊपर के अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त हो रहा है। यह बोलते हैं कि खबरें से कुछ भी नहीं होता हैं और हमारा कोई कुछ नहीं कर सकता। जिला कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने स्वास्थ्य विभाग की बैठक लेते हुए कहा कि एचबीएनसी शिशु सुरक्षा सुविधा पर जिला अधिकारी ने शख्त निर्देश, लापरवाही और अनियमितता की करें रिपोर्ट के साथ कार्यवाही।
बैठक के दौरान उपस्थित रहे – मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ नवीन कोठारी ,मातृ एवं शिशु अधिकारी डॉ विनीता उप्पल , जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ विनोद गुप्ता, शहरी अर्बन नोडल अधिकारी डॉ अमजद खान,
पाटन खंड चिकित्सा अधिकारी आदर्श विश्नोई,जिला श्रवण मूल्यांकन अधिकारी राम परखे के साथ साथ सभी ब्लॉक के बीएमओ बीपीएम एवं बीसीएम मौजूद रहे।



