टी.आर.एस. कॉलेज, रीवा के समाजशास्त्र विभाग में नशा उन्मूलन जागरूकता अभियान का सफल आयोजन

रीवा जबलपुर दर्पण । शासकीय ठाकुर रणमत सिंह स्वशासी महाविद्यालय, रीवा के समाजशास्त्र विभाग द्वारा प्रदेशव्यापी “नशे से दूरी है जरूरी” नशा उन्मूलन जागरूकता अभियान के अंतर्गत एक प्रभावी एवं प्रेरणादायी जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अर्पिता अवस्थी के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का संयोजन प्रो. अखिलेश शुक्ल, विभागाध्यक्ष, समाजशास्त्र विभाग द्वारा किया गया। अपने स्वागत उद्बोधन में उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा 15 जुलाई से 30 जुलाई तक संपूर्ण प्रदेश में “नशे से दूरी है जरूरी” अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य युवाओं एवं विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराना, उन्हें स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना तथा समाज में नशा उन्मूलन के प्रति व्यापक जन-जागरूकता विकसित करना है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें तथा अपने परिवार और समाज को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें।
कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञ के रूप में डॉ. किरण सिंह, विभागाध्यक्ष, समाजशास्त्र विभाग, शासकीय इंदिरा कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सतना उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के प्रारंभ में उन्होंने सभी विद्यार्थियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई तथा कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति को भी प्रभावित करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को सामाजिक उत्तरदायित्व का निर्वहन करते हुए नशे के विरुद्ध जन-जागरूकता अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि युवा शक्ति यदि सकारात्मक दिशा में आगे बढ़े तो समाज को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य सहज ही प्राप्त किया जा सकता है।
इस अवसर पर डॉ. मधुलिका श्रीवास्तव, प्रो. शालिनी पाण्डेय, डॉ. आभा द्विवेदी तथा डॉ. निशा सिंह ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। वक्ताओं ने नशे के सामाजिक, मनोवैज्ञानिक, आर्थिक एवं पारिवारिक दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि नशा व्यक्ति की प्रतिभा, व्यक्तित्व और भविष्य को नष्ट कर देता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासित जीवन, नैतिक मूल्यों तथा स्वस्थ सामाजिक वातावरण के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आग्रह किया।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रहा। विद्यार्थियों ने नशे की बढ़ती प्रवृत्ति, उसके सामाजिक कारणों, रोकथाम के उपायों, युवाओं की भूमिका तथा नशा मुक्ति से संबंधित अनेक जिज्ञासाएँ व्यक्त कीं। विशेषज्ञ प्राध्यापकों ने सभी प्रश्नों का विस्तारपूर्वक, तथ्यात्मक एवं संतोषजनक उत्तर देते हुए विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। संवादात्मक सत्र ने विद्यार्थियों में विषय के प्रति गंभीरता, जागरूकता एवं सकारात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर डॉ. निशा सिंह ने सभी अतिथियों, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में श्री योगेश निगम एवं श्री रत्नेश मिश्रा का विशेष सहयोग एवं महत्वपूर्ण योगदान रहा।



