घर पर रहकर मनाई गई बुद्ध पूर्णिमा

अनावश्यक घरों से न निकले: अजय सुखदेवे
बालाघाट। पूरे विश्व में कोरोना के चलते सभी जयंतीयां, सर्व धर्म कार्यक्रम, शादियां, व अन्य आवश्यक कार्य लाकॅडाउन के चलते घर पर ही सुरक्षित रहकर बनाई जा रही है। 7 मई, गुरुवार को तथागत गौतम बुद्ध पूर्णिमा पर भी सभी लोगों ने अपने ही घर पर रहकर पूजा वंदना कर परिवार के साथ जयंती मनाई गयी। सम्राट अशोक सेना के राष्ट्रीय सचिव व समाज सेवक अजय सुखदेवे ने कहा कि इस वर्ष भगवान बुद्ध की जयंती घर पर ही रहकर बनाई गयी। बुद्ध जी की पूजा वंदना कर सहपरिवार द्वारा भगवान बुद्ध से मंगल कामना की है कि वह विश्व में फैली महामारी को दूर करें और सभी सुख शांति से रह सके। जिस प्रकार बुद्ध ने अपना जीवन वितित किया वह हर समाज के लिए प्रेरणा ज्योति की तरह है।जिससे की सत्य व विश्व को ज्ञान देने के लिए खोज किया है। उन्होनें गृहत्याग के पश्चात सिद्धार्थ सत्य की खोज के लिए सात वर्षों तक वन में भटकते रहे। यहाँ उन्होंने कठोर तप किया और अंतत: वैशाख पूर्णिमा के दिन बोधगया में बोधिवृक्ष के नीचे उन्हें बुद्धत्व ज्ञान की प्राप्ति हुई तभी से यह दिन बुद्ध पूर्णिमा के रूप में जाना जाता है।
आगे कहा कि सरकार के द्वारा लिया गया कोरोना को मिटने के लिए सभी लोग भी सहयोग देना आवश्यक है जिससे की सभी सुरक्षित अपने परिवार के साथ रह सके। प्रशासन के नियमानुसार ही कार्य करना चाहिए और घरों से अनावश्यक ना निकले जिससे आप भी किसी सक्रांमण के चपेट में आ सकते हो जिससे आपके परिवार को भी खतरा बना हुआ है। इसलिए घर पर रहें सुरक्षित रहें इससे से आपके और आपके परिवार के लिए बचाव रहेंगा।



