मध्य प्रदेश

मजदूरों को मुआवजा सहित मंदिरों को खोलने की मांग, कांग्रेसियों ने सौंपा ज्ञापन


मण्डला।कोरोना महामारी के बीच आम जनमानस से जुड़ी अनेक समस्याओं को लेकर सरकार से लगातार मांगे की जा रही हैं इसी क्रम में मंगलवार को बिछिया विधानसभा के विधायक नारायण सिंह पट्टा व कांग्रेस पदाधिकारियों ने जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर आम जनता से जुड़ी अनेक समस्याओं व मांगो के निराकरण की मांग की है।
ट्रैन हादसे में मृत व घायल मजदूरों को दिया जाए मुआवजा
ज्ञापन में बताया गया है कि महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में गत दिवस ट्रैन हादसे में प्रदेश के विभिन्न जिलों के 16 गरीब मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई थी एवं 5 मजदूर घायल भी हुए थे। ये सभी मजदूर मप्र सरकार द्वारा घर लौटने की व्यवस्था नही करने के कारण पैदल ही मप्र अपने घरों को वापस आ रहे थे और इसी दौरान हादसे का शिकार हुए। कहीं न कहीं प्रदेश सरकार का प्रशासनिक कुप्रबंधन इनकी मौत का जिम्मेदार है। इस हेतु हादसे में मृत हुए मजदूरों के परिजनों को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता एवं घायल मजदूरों को 10-10 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
वापस लिया जाए श्रम अधिनियम का संशोधन
लोकतांत्रिक देश होने के नाते हमारे देश के लोकतंत्र में श्रम कानून बनाया गया था जिसमे मजदूरों के शोषण को रोकने के लिए कड़े प्रावधान लागू करते हुए श्रम का समय एक दिन में 8 घंटे निर्धारित किया गया था। साथ ही मजदूरों को मिलने वाले पारिश्रमिक को लेकर भी इस कानून में स्पष्ट उल्लेख है परंतु बीते दिनों प्रदेश की सरकार द्वारा श्रम अधिनियम में संशोधन करते हुए मजदूरी का समय एक दिन में 12 घंटे कर दिया गया है जो कि पूरी तरह से अमानवीय और लोकतंत्र के विरुद्ध है। इस संशोधन से निजी क्षेत्र में मजदूरों का शोषण बढ़ेगा। इस हेतु प्रदेश सरकार द्वारा श्रम अधिनियम में किया गया संशोधन वापस लिया जाए और इसे पूर्ववत अधिकतम 8 घंटे ही किया जाए।
खोले जाएं मंदिर, पुजारियों को दें आर्थिक सहायता
प्रदेश सरकार द्वारा जनता की भावनाओं के विपरीत शराब दुकानों को खोलने का निर्णय किया गया है वहीं धार्मिक स्थानों को बंद रखे जाने का ही निर्णय किया है जिसको लेकर प्रदेश की जनता में आक्रोश का माहौल है। विभिन्न धार्मिक स्थलों में लोगों की विशेष आस्था है और ऐसे कठिन समय मे जब लोगों को ईश्वर की आराधना की सबसे अधिक जरूरत है तब मंदिरों का बंद रहना उचित नही है। वहीं मंदिरों में पूजा पाठ करने वाले पुजारियों की आर्थिक स्तिथि पर भी इससे प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इस हेतु प्रदेश में समस्त धार्मिक स्थलों को खोलने की सशर्त अनुमति प्रदाय की जाए एवं मंदिरों के पुजारियों के लिए आर्थिक सहायता की तत्काल व्यवस्था कराई जाए।
माफ की जाए निजी स्कूलों की फीस
प्रदेश में लॉकडाउन के कारण सभी निजी व शासकीय स्कूल बंद हैं लेकिन निजी स्कूलों के द्वारा विद्यार्थियों के अभिभावकों से बंद अवधि की भी फीस ली जा रही है जो कि पूर्णतः अनुचित है साथ ही आगामी जितने समय तक स्कूल न खुलें तब तक भी फीस लिया जाना अनुचित है। इस हेतु निजी व शासकीय स्कूलों की सभी प्रकार की फीस माफी की जाए एवं जनता की आर्थिक स्तिथि को देखते हुए आगामी तीन माह तक किसी प्रकार की फीस स्कूलों द्वारा न ली जाए इस हेतु कड़े नियम बनाकर उन्हें लागू किया जाए। साथ ही निजी स्कूलों के लिए शासन स्तर से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए
वापस लिए जाएं मंडी अधिनियम के संशोधन
प्रदेश सरकार द्वारा बीते दिनों मंडी अधिनियम में संशोधन किया गया है। नए नियम के अनुसार किसानों को मंडियों में अपनी उपज बेचने के लिए परेशान होना पड़ेगा और उनका आर्थिक शोषण भी बढ़ेगा। नए संशोधित नियमो से किसानों का शोषण होगा। इस हेतु मंडी अधिनियम में किये गए संशोधन वापस लिए जाएं और पूर्ववत नियमो को ही प्रभावशील किया जाए।
ज्ञापन में उल्लेखित समस्त बिंदुओं को लेकर मांग की गई है कि सभी विषय सीधे ही आम जनता से जुड़े हुए विषय हैं और कोरोना महामारी के बीच इनके निराकरण से जनता दोहरी मार से बचेगी। इस हेतु समस्त विषयों को विशेष तरजीह देते हुए शीघ्र अतिशीघ्र इनका निराकरण किया जाए। इस दौरान बिछिया विधायक नारायण सिंह पट्टा, युवक कांग्रेस लोकसभा अध्यक्ष अभिनव चौरसिया, कांग्रेस लीगल सेल जिलाध्यक्ष एड राकेश तिवारी, जिला महामंत्री धर्मेंद्र श्रीवास्तव, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अखिलेश ठाकुर सहित अन्य कांग्रेस जन उपस्थित रहे।

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