आपातकाल की यादें ताजा करता काला दिवस।
मीसा बंदियों का किया गया सम्मान
जबलपुर। आजादी के बाद एक बार फिर देश को गुलामी की झलकियां देखने को मिली थी। जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने मात्र अपनी कुर्सी बचाने के लिए पूरे देश में आपातकाल लागू कर दिया था। जून 1975 में इलाहाबाद संसदीय क्षेत्र से चुनाव हारने के बाद प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने पूरे देश में अचानक आपातकाल की घोषणा कर दी मीडिया पर प्रतिबंध लग गया सभी विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार करके जेल में बंद कर दिया गया।इमरजेंसी की घोषणा 26 जून की सुबह 9:00 बजे जब रेडियो पर अचानक हुई तब स्थानीय प्रशासन को जानकारी मिली कि देश में आंतरिक आपातकाल लागू हो चुका है। इस घटनाक्रम ने पूरे देश में तत्कालीन प्रधानमंत्री और सत्तारूढ़ पार्टी के विरुद्ध आक्रोश की एक लहर भर दी। जिसका खामियाजा तत्कालीन कांग्रेस पार्टी को चुनावों में भुगतना पड़ा।
26 जून कि वह तारीख भारतीय जनता पार्टी काला दिवस के रूप में मना रही है। रानीताल स्थित भाजपा कार्यालय में आपातकाल के दौरान जेल में निरूद्ध रहे सभी मीसा बंदियों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और सांसद राकेश सिंह, नगर भाजपा अध्यक्ष जी एस ठाकुर, विधायक अजय विश्नोई, इंदु तिवारी, नंदनी मरावी, पूर्व विधायक प्रतिभा सिंह, शरद जैन, हरेंद्र जीत सिंह बब्बू, भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष अभिलाष पांडे और भाजपा के वरिष्ठ राजनेता और कार्यकर्ता गण मौजूद रहे।



