साहित्य दर्पण

ऑनलाइन कवि सम्मेलन सम्पन्न।

काव्य सृजन साहित्यिक परिवार का सफल आयोजन।

प्रयागराज। काव्य सृजन साहित्यिक परिवार, प्रयागराज द्वारा २९ जून को ऑनलाइन राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कीर्ति जायसवाल जी के कुशल संयोजन एवं संचालन में यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अनुरंजन कुमार अँचल जीे ने माँ सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप जलाकर व चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जीतेन्द्र कुमार जीत जी ने सरस्वती वंदना की; वहीं लक्ष्मी कलियारे जी ने अपने मधुर गायन से सभी को मंत्रमुग्ध कर लिया। कीर्ति जायसवाल जी ने पंक्तियां पढ़ीं- नहीं कहो कि मछली हूँ तो सागर में ही बैठूँ, नहीं कहो कि मछली हूँ तो सपने ही ना देखूँ, भीतर भी हैं पग मेरे, भीतर भी पंख हैं; प्रेरणा कर्ण जी ने पढ़ी- जीवन उसकी मेरी अमानत, कैसे भूला है वो खोया, हसरत दिल की रह गई दिल में, कोई तरीका काम न आया; शुभी अभिमन्यु जी ने पढ़ी – देखो युगों से जलता है रावण आज भी; डॉ लता जी ने पढ़ी- या तो बैठ जाएगा कटोरा लेकर फुटपाथ पर जहाँ सोया था या फिर निकल पड़ेगा विद्रोही बनकर छीनने अपना हक; रईस सिद्दीकी जी ने पढ़ी- ऐसा मरज़ चला है कि मसीहा के साथ-साथ दुनिया भटक रही है दवा की तलाश में; सुदेश दीक्षित जी ने पढ़ी- दीवार हूँ बिना छत के घर की, सच में मैं बूढ़ा हो गया हूँ। इस दौरान देश के सुप्रसिद्ध कवि डॉ. राजेश कुमार शर्मा पुरोहित और मुम्बई की गरिमा जायसवाल भी उपस्थित रहीं। काव्यपाठ करने वाले रचनाकारों में अतर सिंह प्रेमी जी, जितेन्द्र विजयश्री पाण्डेय, विशाल चतुर्वेदी उमेश, डॉ. अलका पाण्डेय,गौरव मिश्रा तन्हा, पूजा सैनी, कमल कालु, सविता मिश्रा, कल्पना भदौरिया स्वप्निल, पूरण मल बोहरा, गुलाब चंद्र पटेल, अभय चौरे, सुषमा मोहन पांडेय, कृष्णा सेंदल तेजस्वी, मदन मोहन शर्मा सजल, मधु वैष्णव मान्या, महेत्तर लाल देवांगन, अजय कुमार द्विवेदी, मंगल सिंह एवं खेमराज साहू राजन जी के नाम भी शामिल हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page

situs nagatop

nagatop slot

kingbet188

slot gacor

SUKAWIN88