साहित्य दर्पण

राष्ट्रीय नवचेतन साहित्यिक सरगम ने आयोजित किया ऑनलाइन कवि सम्मेलन।

बिहार : स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त को राष्ट्रीय नवचेतन साहित्यिक सरगम, दरभंगा द्वारा विशेष कवि सम्मेलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया । सर्वप्रथम राष्ट्रगान का प्रसारण हुआ जिसमें सभी साहित्यकार ने खड़े होकर तिरंगे के सम्मान में संबोधन किया ।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ शारदे को माल्यार्पण व दीप जलाकर एवं कुछ शब्दों द्वारा स्वतंत्रता सेनानियों को नमन कर नवचेतन साहित्यिक सरगम की संस्थापिका व अध्यक्षा श्रीमती प्रेरणा कर्ण ने किया । श्रीमती साधना मिश्रा विंध्य एवं सूरज श्रीवास जी द्वारा सरस्वती वंदना एवं गीत प्रस्तुत की गई । सचिव सुश्री कीर्ति जायसवाल भी उपस्थित रहीं एवं उन्होंने भी वीर शहीदों को अपनी पंक्तियों द्वारा भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।

संचालन मंडल में श्रीमती मधु मान्या जी, श्रीमती जमुना देवी व सुश्री लक्ष्मी करियारे ने अपने मधुर स्वर में संचालन किया एवं उनके सान्निध्य में कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ ।

वीडियो द्वारा रचनाओं की प्रस्तुतिकरण की गयी जिसमें देशभर के कवियों ने प्रतिभाग किया । कवियों ने अपनी रचनाओं द्वारा एक-से-बढ़कर एक सुन्दर प्रस्तुति दी । किसी ने भारत माँ तो किसी ने भारत की संस्कृति, एकता, अखंडता, वीर योद्धाओं आदि जैसे विभिन्न देशभक्ति विषयों पर अपना काव्यपाठ किया ।

प्रतिभाग करने वाले कवियों में राजेश तिवारी “मक्खन”(झांसी, उ.प्र.), खेमराज साहू “राजन”(छत्तीसगढ़), कल्पना भदौरिया “स्वप्निल”(उ.प्र.),
साधना मिश्रा विंध्य(उत्तर प्रदेश),आशुकवि प्रशान्त कुमार”पी.के”(उ.प्र.), गणेश यदु (छत्तीसगढ़), दुर्गादत्त पाण्डेय(रोहतास बिहार), जितेन्द्र परमार “रोशन”(गुजरात), सूरज श्रीवास कोरबा(छत्तीसगढ़), प्रतिभा द्विवेदी मुस्कान सागर(मध्यप्रदेश), दिव्य सृष्टि दिव्या(उत्तर प्रदेश), डॉ.भगवान सहाय मीना(जयपुर राजस्थान), उषा साहू(छत्तीसगढ़), प्रतिभा स्मृति(दरभंगा बिहार), रामबाबू शर्मा राजस्थानी(दौसा राज.), श्रीमती सुनीता साहू(छत्तीसगढ़), महेत्तर लाल देवांगन(बिलाइगढ़ छत्तीसगढ़), सु श्री लक्ष्मी करियारे(जाँजगीर छत्तीसगढ़), डॉ. अर्पिता अग्रवाल(नोएडा, उत्तरप्रदेश), कमलेश कुमार राठौर(मंदसौर, मध्य प्रदेश), विभा राज(दिल्ली), ध्वनि आमेटा उदयपुर(राजस्थान), ऋषिका खुशबु, दरभंगा(बिहार),जितेन्द्र परमार “जीत” समदङी(बाङमेर राज.), ओमप्रकाश झा(दरभंगा), रागिनी शुकल”राग”(मुंबई), तुषारिका शुक्ला(मध्य प्रदेश), रमा बहेड(हैदराबाद) आदि के नाम शामिल हैं जिन्होंने वीर-रस से ओत-प्रोत अपनी रचनाओं द्वारा सबको भाव-विभोर कर दिया।

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