यातायात को बाधित कर रहे हैं थाने के सामने सड़क पर खड़े वाहन

पवन कौरव गाडरवारा। लॉकडाउन के दो माह से अधिक समय तक शहर की यातायात व्यवस्था बेहतरीन रही। ऐसा इसलिए क्योंकि लॉकडाउन के दौरान न के बराबर वाहन चले। शहर की पुलिस भी इस दौरान अपनी भूमिका में रही । अब अनलॉक के प्रारंभ होने से आम लोगों को विभिन्न प्रकार की छूट मिल चुकीं है । बिना पास के कहीं भी आने जाने की छूट मिलने के बाद शहर की यातायात व्यवस्था बिगड़ती जा रही है ।
वर्तमान में शहर की यातायात व्यवस्था फिर से पुराने ढर्रे पर लौट आई है । पुलिस अनलॉक प्रारंभ होने के बाद पहले जैसी सक्रिय नहीं है । यही वजह है कि शहर में जगह-जगह जाम लग रहा है व जाम की स्थिति पैदा हो रही है । सुबह से लेकर रात तक शहर के मार्ग वाहनों की बेतरतीब पार्किंग से घिरे रहते हैं ।
वहीं बात करे गाडरवारा थाने के सामने सड़क पर खड़े बड़े बड़े हाइवा वाहनों की तो गाडरवारा शहर के बीचों बीच पलोटन गंज में रेत चोरी या अन्य मामलों में जप्ती किये गए सड़क पर भारी वाहनों के खड़े होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है । किनारे खड़े बेतरतीब वाहन लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं। बेतरतीब खड़े वाहनों से इस सड़क पर दिन के समय कई बार यातायात बाधित रहता है। इसके चलते यातायात बाधित होता ही है , पैदल चलने वालों को भी परेशानी उठानी पड़ती है । पुलिस यातायात शाखा व प्रशासन की अनदेखी के चलते इस मार्ग पर लंबे समय तक वाहन खड़े रहते है। यह मार्ग शहर का व्यस्तम मार्ग है । जिसके चलते वाहनों की रेलम-पेल लगी रहती है । वहीं झण्डा चौक , स्टेशन रोड या अन्य गांव व शहर के प्रमुख स्थानों को जाने के लिए भी इसी मार्ग का उपयोग होता है । सड़क पर वाहनों के खड़े होने से जाम के हालात बन जाते है । यह समस्या सुबह ओर देर शाम को गंभीर हो जाती है । इस समस्या को लेकर लोग वाहन चालकों में तू तू मैं मैं होती रहती है।
वाहनों को खड़े करने के लिए नही कोई उचित व्यवस्था
कहने को तो गाडरवारा में शासकीय भूमि की कोई कमी नही है शहर में भी कई जगह शासकीय भूमि खाली पड़ी है लेकिन प्रशासन इन जप्त किये वाहनों को लेकर खुद ही ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ा रहा । सड़क पर बीचों बीच खड़े डम्फर व अन्य बड़े वाहन यातायात को तो बाधित करते ही है ओर आम नागरिको के लिए मौत का सामान बने हुए है । जिससे शहर की यातायात व्यवस्था बिगड़ती जा रही है । यातायात पुलिस द्वारा शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए कोई ठोस उपाय नहीं किए जा रहे हैं । पुलिस की यातायात व्यवस्था लॉकडाउन तक सीमित रही ।
प्रशासन खुद ही उड़ा रहा ट्रैफिक नियमो की धज्जियां
क्या पुलिस प्रशासन ने पुलिस थाने के पास सड़क कि एक किनारे पर वाहनों के खड़ा करने के स्थान चिह्नित किया गया ? स्थानीय लोग पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब पुलिस खुद ही ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाएगी तो क्षेत्र में ही हो रहे अवैध पार्किग को कैसे रोक पाएगी एव शहर के अन्य सड़कों के किनारे खड़े वाहनों को कैसे हटा पाएगी ।
जिम्मेदार अधिकारी सोये कुम्भकर्ण की नींद
आपको बता दे शहर में चाहे वो जनप्रतिनिधि हो या फिर आला अधिकारी सभी बेसुध से दिखाई दे रहे हैं या यूँ कहे कि बड़ी घटना घटित होने का इंतजार कर रहे हैं वैसे भी पलोटन गंज में जाकर सड़क काफी सकरी हो जाती है वही मॉडल सड़क अधूरी पड़ी होने के कारण पहले से ही शहर की यातायात व्यवस्था पटरी पर दिखाई दे रही है और इसी के साथ जप्ती व अन्य मामलों में पुलिस प्रशासन द्वारा सड़क पर खड़े वाहन भी वहाँ से निकलने वाले राहगीरों के लिए मौत का सामान बने हुए हैं भविष्य में इनके सड़क पर खड़े होने के कारण घट सकती है कोई बड़ी घटना । इस जगह पर अधिकांश कार्यालय , कोर्ट , पुलिस थाना अन्य सरकारी दफ्तर होने के कारण यहां लोगों का जमावड़ा लगा रहता है और सड़क पर आवारा घूम रहे जानवरों पर भी प्रशासन मेहरवान है सड़क पर खड़े वाहन राहगीरों को मौत की दावत दी रहे हैं ।
इनका ये कहना है
थाने में जगह ना होने से रोड से बाजू से खड़े कराए गए है । अन्य व्यवस्था होने पर वहाँ शिफ्ट किया जाएगा । सीताराम यादव एसडीओपी थाना गाडरवारा



