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भविष्य में देश को 5 ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था बनाने में कृषि क्षेत्र का रहेगा प्रमुख योगदानः केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री तोमर

देश में किये जा रहे कृषि सुधार बनेगें समग्र विकास का आधार जनेकृविवि के 57वें स्थापना दिवस पर किसान एवं वैज्ञानिक सम्मानित

जबलपुर। केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास, पंचायती राज, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री, भारत सरकार नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प के अनुरूप वर्ष 2024 तक भारत को 5 ट्रिलियन डालर की अर्थव्यवस्था बनाने में कृषि क्षेत्र का प्रमुख योगदान रहेगाकेन्द्रीय मंत्री श्री तोमर ने यह बात जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के57वें स्थापना दिवस समारोह में गुरूवार को कही। श्री तोमर ने कहा तक भारत को 5 ट्रिलियन डालर की इकोनामी बनाने में, कृषि प्रधान देश होने के नाते किसानों के साथ ही कृषि से जुड़े वैज्ञानिकों, कर्मचारियों, मैदानी कार्यकर्ताओं का प्रमुख योगदान होगा। खेती किसानी में लागत कम करने के साथ ही उत्पादन व उत्पादकता बढ़ाये बिना इस लक्ष्य पूर्ति संभव नही है। कृषि विश्वविद्यालयों को इसके लिये समूचित तकनीक एवं प्रचार-प्रसार माध्यमों का उपयोग करने हेतु आवश्यक तंत्र विपरीत दौर में भी कृषि क्षेत्र ने सकारात्मक योगदान दिया है। श्री तोमर ने कहा कि मोदी सरकार आने के बाद से कृषि क्षेत्र में चौतरफा विकास हो रहा हैवर्ष 2009-10 में जहां देश में कृषि मंत्रालय का बजट 12 हजार करोड़ रूपये होता था अब ये 1 लाख 34 हजार करोड़ है। मोदीजी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने एम.एस.पी. में भी बढ़ोतरी की है, वहीं राज्यों को योजनाओं में ज्यादा फंड दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सिर्फ बजट प्रवर्तित योजनाओं से काम नहीं चलेगा बल्कि अलग-अलग विधाओं को अपनाना होगा। देश में 86 प्रतिशत छोटे किसान हैं जिनके पास गांवों तक निजी निवेश पहुचने से ही नई कृषि क्रांति का सूत्रपात होगाइसलिये प्रधानमंत्री ने 6,850 करोड़ रूपये का बजट से 10 हजार एफ.पी.ओ. (फार्मर प्रोड्यूजिंग ऑगेनाइजेशन) बनाने की स्कीम शुरू की है। गांव-गांव किसानों को जागरूक कर एफ.पी.ओ. से जोड़ा जाये। किसान सिर्फ फसल उगाने में ही पसीना नहीं बहाये बल्कि मंहगी फसलों को उगाएं, फूड प्रोसेसिंग से जुडे, वैल्यूचेन गांव-गांव तक खडी हो, इसमें एफ.पी.ओ. का महत्वपूर्ण योगदान होगा_श्री तोमर ने कहा कि कृषि क्षेत्र की गैप्स भरने के लिये प्रधानमंत्री ने 1 लाख करोड़ रूपये के इंफ्रा फंड की शुरूआत फंड की शुरूआत की है। आत्मनिर्भर भारत अभियान में अन्य संबंद्ध क्षेत्रों के पैकेज भी दिये गये हैंइन सबसे यह धारणा दूर हुई है कि किसानों को लोन आसानी से नहीं मिल पाता। पैकेज के यह पैसा गांव-गांव पहुंचेगा, इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास होगा जिससे : 2: कृषि विभिन्न आयामों से जुड़ेगीउन्होंने कहा कि कृषि सुधार के नये कानून के बनने व बदलवा से आने वाले कल में किसान बेचारा नहीं होगा बल्कि मार्गदर्शन करने वाला होगा। किसानी का काम देश की ग्रोथ में अधिकमत योगदान करने वाला हो, इस दिशा में सबको आगे बढ़ने की जरूरत है और किसान, कृषि विज्ञान केन्द्र, कृषि छात्र-छात्राएं व वैज्ञानिकों का योगदान महत्व रखता है। केन्द्रीय मंत्री श्री तोमर ने कहा मध्यप्रदेश में खेती काफी अग्रणी स्थिति में है। मध्यप्रदेश को सोयाबीन राज्य के रूप में भी जाना जाता है। इस विवि ने अपने शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से बेहतर योगदान दिया है। प्रधानमंत्रीजी के नेतृत्व में नई शिक्षा नीति पिछले दिनों आई और खुशी की बात है कि इसके माध्यम से उच्च शिक्षा में सुधार के लिये इस विश्वविद्यालय के स्तर पर समितियां गठित करे मूर्तरूप देने का कार्य शुरू कर दिया गया है। शैक्षणिक गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित करने, व्यवस्थित विकास करने व इसक प्रबंधन के लिये भारत सरकार कृत संकल्पित है। कृषि–मेघ, कृषि के पूव्र छात्रों का सचूना तंत्र एलुमिनी नेट तथा ऑनलाईन एक्रिडेशन सिस्टम का प्रारंभ इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैअनुसंधान के महत्वपूर्ण तथ्य-आंकडों को सुरक्षित रखते हुये, कभी भी-कहीं से भी उस तक पहुच तथा सभी के उपलब्धता डिजीटल वर्ल्ड में संभव हो सकी है। अत्याधुनिक तकनीक जैसे- आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, डीप लर्निग, इमेज एनालिसिस आदि का उपयोग अब कृषि में भी होगा, जिसका लाभ हम सब को मिलेगा। राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा परियोजना के तहत इस विवि में स्पेशल डाटा एप्लीकेशन इन एग्रीकल्चर पर एडवांस सेन्टर शुरू हुआ है। श्री तोमर ने आशा जताई कि इन उच्च तकनीकों को सरल करते हुये इन्हें किसानों की उपज के बाजारीकरण व आय बढ़ाने में उपयोगी बनाकर प्रचारित किया जायेगा तथा अनुसंधान से खेती में आने वाली चुनौतियों पर विजय प्राप्त करना होगीकुलपति डॉ. प्रदीप कुमार बिसेन ने स्वागत भाषण देते हुये बताया कि जनेकृविवि द्वारा विकसित फसलों की सैकड़ों किस्मों देश-विदेश में सफलतापूर्वक उगाई जा रही हैं। यहां के विद्यार्थियों ने विश्व में नाम रोशन किया है। 6 दशकों में सर्वश्रेष्ठ कृषि विश्वविद्यालय सहित अनेक राष्ट्रीय पुरूस्कारों से भी नवाजा जा चुका हैप्रजनक बीज उत्पादन में गत 15 वर्षों से विवि देश में अव्वल हैकार्यक्रम में मप्र शासन के कृषि मंत्री श्री कमल पटेल का संदेश पढ़कर सुनाया गया। इस मौके पर विख्यात कृषि वैज्ञानिक डॉ. आर.के. गुप्ता एवं डॉ. गोविन्द्र सिंह राजपूत को पर लाइफ टाईम अचीवमेंट अवार्ड से नवाजा गया, वहीं डॉ. एस.के. राव कुलपति राविसिंकृविवि ग्वालियर, डॉ. सुरेश कुमार चौधरी व डॉ. रवि दुबे को जवाहर रत्न अवार्ड दिया गया। शैलेन्द कौरव छिन्दवाड़ा एवं रावगुलाब सिंह लोधी नरसिंहपुर को कृषक फैलो सम्मान 2020 एवं श्रीमति लक्ष्मी परते बैतुल, श्रीमति कौशल मरकार बालाघाट एवं श्रीमति कोमल बाई पन्ना को उत्कृष्ट आदिवासी कृषक सम्मान 2020 से सम्मानित किया गया। द्वितीय चरण में तकनीकी सत्र में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् नईदिल्ली के उपमहानिदेशक डॉ. अशोक सिंह स्थापना दिवस व्याख्यान दिया। कार्यक्रम का कुशल और सफल संचालन अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. अमित कुमार शर्मा एवं आभार प्रदर्शन कुलसचिव श्री रेवासिंह सिसोदिया ने कियाआयोजन में तकनीकी अधिकारी इंजी. शरद जैन, डॉ. एम.एस. भाले, डॉ. अनय रावत एवं डॉ. वाय.एम. शर्मा का विशेष योगदान रहा।

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