रोजगार सहायक की मनमानी के चलते मनरेगा के कार्यों में मृत व्यक्ति के भी चलाए जाते हैं मस्टर
किया जा रहा हजारों का भुगतान अधिकारी अनभिग्य
छतरपुर,अरबिंद द्विवेदी। यूं तो ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार चरम सीमा को पार कर चुका है मगर मृत्यु उपरांत भी किसी व्यक्ति से मजदूरी कराना यह तो वही बात होती है की गूंगा व्यक्ति भजन कीर्तन गाए या अंधा व्यक्ति कोई गाड़ी चलाएं
ताजा मामला ग्राम पंचायत लवरहा का है जहां पर रोजगार सहायक रामबरन यादव द्वारा अपनी मनमानी के चलते मनरेगा के तहत होने वाले कार्यों में मृत व्यक्तियों द्वारा भी मजदूरी कराई जाती है और मस्टररोल द्वारा उनका भुगतान भी करा लिया जाता है एक मामले के तहत सुदूर सड़क के निर्माण में जो लवरहा से लुधगाए की ओर बनी हुई थी उस पर खिमियां अहिरवार नाम की महिला जिसकी मृत्यु 3.9.2012 में हो चुकी थी मगर रोजगार सहायक द्वारा उसके नाम पर दिसंबर 2018 में मस्टररोल द्वारा भुगतान दर्शाया गया है अब सोचने वाली बात यह है कि जो महिला 6 साल पहले मृत हो चुकी है। उससे ग्राम पंचायत मजदूरी कैसे करा सकती है और अगर मजदूरी नहीं कराई गई तो भुगतान कैसे कराया गया यह एक जांच का विषय है।
ऐसे कार्यों पर और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को ऐसे भ्रष्ट कर्मचारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही करना चाहिए।।
इनका कहना है
क्योंकि मामला 8 साल पहले का है महिला की मृत्यु 2012 में हुई थी और मस्टररोल से 2 साल पहले 2018 में भुगतान कराया गया है इसकी जानकारी मुझे आपके द्वारा लगी है इस जानकारी के तहत मैं जांच कराऊंगा और दोषियों पर सख्त कार्यवाही भी अपनाऊंगा लवरहा ग्राम पंचायत में मुझे कई बार ऐसी शिकायतें मिल चुकी है जिसके तथ्य प्राप्त नहीं हुए थे मुझे आपके द्वारा सबूतों के आधार पर यह जानकारी दी गई है मैं स्वयं इस मामले की जांच कर कड़ा रुख अपनाऊंगा।
सीईओ जनपद लवकुश नगर
एस के मिश्रा



