जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

लोक स्वास्थ्य को ठेके पर देना आत्मघाती कदम होगा – तरुण भनोत

जबलपुर दर्पण। कोरोना महामारी के दौरान प्रदेश में सार्वजनिक क्षेत्र की चिकित्सा व्यवस्था की लचर स्थिति के कारण हजारों लोग बेमौत मारे गए | अस्पतालों में बिस्तरों की कमी और आक्सिजन के अभाव में हजारों-लाखों की संख्या में परिवारों ने अपनों को खोया है | इतनी बड़ी आपदा और क्षति के बाद भी सरकार और चिकित्सा शिक्षा विभाग का ऐसा ढुलमूल रवैया समझ के परे है | कोरोना महामारी की आपदा के बाद भी हम भविष्य की चिकित्सीय चुनौतियों का सामना करने के बजाए लोक स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों को ठेके पर देने का प्रस्ताव आत्मघाती कदम होगा | शासन द्वारा मेडिकल कॉलेज जबलपुर सहित प्रदेश के 13 मेडिकल कॉलेज के लैब को ठेके पर दिए जाने को लेकर प्रदेश सरकार में पूर्व वित्त मंत्री एवं जबलपुर पश्चिम से विधायक श्री तरुण भनोत ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के निदेशक श्री ए.के. श्रीवास्तव को प्रेषित पत्र में आक्रोश जताया है |
उल्लेखनीय है कि शासन के इस प्रस्ताव से जबलपुर सहित प्रदेश के 13 मेडिकल कॉलेजो की लैब निजी कंपनियों को दिया जाएगा, जबकि इन लैबो में कार्यरत डॉक्टर, लैब टेक्नीशियन और अन्य स्टाफ के साथ बिजली-पानी का खर्च भी सरकार के खजाने से किया जाना निर्धारित किया जाएगा | जनता के टैक्स के पैसों से अर्जित संसाधनो पर निजी कंपनियों द्वारा जांच के शुल्क में अप्रत्याशित वृद्धि का अधिकार भी मिल जाएगा और एनबीएल से मान्यता मिलने के बाद निजी कंपनियों द्वारा जांच की शुल्क में 200% से लेकर 700% तक की वृद्धि करने का अधिकार भी मिल जाएगा |
श्री भनोत ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के निदेशक श्री श्रीवास्तव को प्रेषित पत्र के माध्यम से शासन के इस प्रस्ताव पर कड़ी आपत्ति जताई है और बताया कि प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था को धीरे-धीरे निजी कंपनियों को सौंपा जाना निश्चित रूप से प्रदेश की 7.5 करोड़ जनता के चिकित्सीय अधिकारों का दमन है | शासकीय मेडिकल कॉलेज जो गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के गंभीर चिकित्सीय सुविधा प्रदान करने का बेहतर साधन है, वहाँ के लैब और अन्य व्यवस्थाओं को निजी कंपनियों को सौंपना जनहित का निर्णय नही है |
श्री भनोत ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा लगातार जबलपुर की उपेक्षा की जा रही है, किन्तु भाजपा के स्थानीय जनप्रतिनिधि मुंह में दही जमाये बैठे है | श्री भनोत के द्वारा मेडिकल कॉलेज जबलपुर के लैब को ठेके जाने के विरोध और प्रस्ताव पर रोक लगाये जाने की मांग को पूर्व मंत्री एवं जबलपुर पूर्व से विधायक श्री लखन घनघोरिया, महापौर श्री जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक विनय सक्सेना, विधायक संजय यादव द्वारा सामूहिक रूप से हस्ताक्षरित पत्र के माध्यम से समर्थन किया गया है और इस प्रस्ताव पर रोक लगाने कि मांग की है |

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