मण्डला दर्पणमध्य प्रदेश

सरपंच सचिव और रोजगार सहायक के ऊपर गिरी गाज


 मण्डला। आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला के अंतर्गत आने वाले विकास खंड भुआ बिछिया के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत अंजनिया की हुई शिकायत में सरपंच सचिब और रोजगार सहायक को दोषी मानते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मंडला ने कार्यवाही की।        क्या है मामला        कार्यालय मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बिछिया के आधार पर ग्राम पंचायत अंजनिया में वर्ष 2019 -20 मैं 12 प्रधानमंत्री आवास निर्माण कार्य में अनियमितताएं पाई गई थी उक्त जांच प्रतिवेदन के आधार पर न्यायालय जिला पंचायत मंडला में प्रकरण पंजीबद्ध किया गया तथा सचिव पूर्व सरपंच एवं रोजगार सहायक को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया जाकर लिखित पक्ष प्रस्तुत करते हुए निर्देशित किया गया प्रकरण से प्राप्त दस्तावेजों के आधार  एवं परीक्षण तथा अनावेदक गणों के प्रति परीक्षण उपरांत यह पाया गया कि ग्राम पंचायत अंजनिया में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत वर्ष 2019 -20 मैं प्राप्त लक्ष के विरुद्ध 12 आवास की स्वीकृति मैं अनियमितता की गई पात्र हितग्राही के स्थान पर अन्य व्यक्ति के नाम और आवाज स्वीकृत होना पाया गया उक्त 12 आवास की स्वीकृति के संबंध में ग्राम पंचायत के सरपंच सचिव एवं रोजगार सहायक के द्वारा अन्य व्यक्तियों के खाता एवं आधार नंबर पर अपात्र व्यक्तियों को लाभ दिया गया उपरोक्त अनुसार 12 हितग्राहियों के आवास स्वीकृत कराए गए एवं 11 हितग्राही के प्रत्येक के खाते में 25000.00 रुपए कुल राशि 275000.00 रुपए अंकन दो लाख पछत्तर हजार मात्र तत्कालीन सरपंच सुधीर मरावी तत्कालीन सचिव पतिराम कार्तिकेय एवं ग्राम रोजगार सहायक हिमांशु कटारिया द्वारा जानबूझकर अनियमितताएं की गई तत्कालीन सरपंच सुधीर मरावी तत्कालीन सचिव पतिराम कार्तिकेय एवं रोजगार सहायक हिमांशु कटारिया से राशि 275000.00 रुपए बसूली योग पाई गई। प्रकरणों में सरपँच सचिव और रोजगार सहायक के द्वाराअपने पद का दुरुपयोग करते हुए शासकीय निधि की राशि की अफरा-तफरी की गई है फल स्वरुप प्रश्न धनराशि अनुसूचित अभिरक्षा में रखे होने के फलस्वरूप मध्य प्रदेश पंचायती राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 92 भी लागू होती है । अतएव राशि 275000.00 रुपये अंकन दो लाख पछत्तर हजार मात्र तत्कालीन सरपंच सुधीर मरावी तत्कालीन सचिव पतिराम कार्तिकेय के एवं ग्राम रोजगार सहायक हिमांशु कटारिया से संयुक्त रूप से समान अनुपात में वसूली योग्य पाए जाते हैं अनावेदक गणों को आदेश जारी होने के 1 सप्ताह के भीतर प्रश्न धनराशि न्यायालय में उपस्थित होकर जमा करने हेतु निर्देशित किया गया अन्यथा मध्य प्रदेश पंचायती राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 92 के अधीन 30 दिवस के लिए सिविल कारावास की कार्यवाही करने हेतु न्यायालय स्वतंत्र होगी। अपचारी तत्कालीन सरपंच सुधीर मरावी को मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 92 की कड़ी का (5) के अधीन 6 वर्ष की कार्य विधि के लिए किसी पंचायत यात्रा निर्माण समिति तथा ग्राम विकास समिति या ग्राम सभा की समिति का सदस्य होने के लिए निरहित किया गया है। साथ ही अपचारी सचिव पतिराम कार्तिकेय के द्वारा मध्यप्रदेश पंचायत सेवा (आचरण) नियम 1998 के नियम 3 (1) (2) (3) का उल्लंघन किया जाना पाया गया है अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी/ प्रभारी अधिकारी (पंचायती प्रकोष्ठ)जिला पंचायत मंडला को अपराधी सचिव के विरुद्ध मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 को भी प्रावधान के अधीन अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित करने हेतु आदेशित किया गया है तथा अपचारी ग्राम रोजगार सहायक हिमांशु कटारिया द्वारा पदीय दायित्वों का उल्लंघन किया जाना पाया गया है और रोजगार सहायक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करने हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बिछिया को आदेशित किया गया है।

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