दमोह के पांच मंडल अध्यक्ष और सिद्धार्थ मलैया पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित


शुक्रवार को प्रशासनिक स्तर पर कलेक्टर एसपी के तबादले के साथ ही जिले की राजनीतिक सियासत को गर्म कर देने वाली कार्यवाही सामने आई है। दरअसल विधानसभा उपचुनाव के परिणामो में भाजपा को मिली हार के बाद जिले के भाजपा के कद्दावर नेताओ पर प्रदेश अध्यक्ष ने कार्यवाही का फरमान जारी किया गया। जिसमे दमोह विधानसभा उपचुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों में भाग लेने के कारण भारतीय जनता पार्टी ने दमोह जिले के अपने पांच मंडल अध्यक्षों अभाना मंडल अजय सिंह, दीनदयाल नगर मंडल संतोष रोहित, दमयंती मंडल मनीष तिवारी, बांदकपुर मंडल अभिलाष हजारी, बॉसा मंडल देवेन्द्र सिंह राजपूत और प्रशिक्षण प्रकोष्ठ के जिला संयोजक सिद्धार्थ मलैया को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा के निर्देशानुसार की गई, इस कार्यवाही के साथ-साथ पूर्व विधायक एवं शिवराज केबिनेट में मंत्री रह चुके जयंत मलैया को भी दमोह विधानसभा उपचुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जिसके बाद भाजपा कार्यक्रताओं में काफी उथल पुथल होने के साथ सोशल मीडिया पर आरोप प्रत्यारोप का दौर प्रारम्भ हो गया। कई लोगो ने संगठन की कार्यवाही को जल्दबाजी बताया तो कई ने इसे गलत बताया। वही मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री एवं दमोह सांसद प्रहलाद पटेल ने इसे सही बताया है। इस तरह की कार्यवाही सामने आने के बाद चुनाव के साथ ठंडा हुआ माहौल एक बार फिर गरमा सकता है। वही एक के बाद एक प्रशासनिक स्तर पर हुए तबादलो और अब संगठन स्तर पर हुई कार्यवाही पर कांग्रेसी कटाक्ष करने के साथ भाजपा पर जमकर निशाना साध रहे है।



