भदनपुर व भटूरा मार्ग में विजली के पोल लगाने में भारी भृष्टाचार अधिकारी मौन क्यो?

भदनपुर से भटूरा की सड़क किनारे करीब 20.5 किलोमीटर लाइन शिफ्टिंग का काम जिसका प्रोजेक्ट नम्बर P-16A के अंतर्गत , MP-MDR-44-23 के तहत MPRDC Bhopal के द्वारा टेंडर व ठेका दिया गया था। जिसमे बिजली विभाग के द्वारा जो मापदंड निर्धारित किए गए है उनकी अनदेखी कर कार्य हो रहा है।
1 पोल इरेक्शन में H*1/6
2. कंक्रीट 0.5 CMT (1:3:6)
3. गड्ढे की लंबाई चौड़ाई गहराई
इत्यादि-किसी भी मापदंड का पालन नहीं किया जा रहा है और कार्य निरंतर जारी है ठेकेदार की पेमेंट भी कराई जा रही है बिजली विभाग के कर्मचारियों की मिली भगत से ऑल इस वेल चल रहा है। यदि भविष्य में इसके कारण को दुर्घटना होती है तो उसकी जवाबदारी कौन लेगा।
(उदाहरण के लिए:_ H बीम लोहे का पोल अगर 11 मीटर की है तो उसमें 0.5 सी एम टी कैंक्रीट गड्ढे के अंदर होनी चाहिए
(0.5 सी एम टी का मतलब है दो बोरी सीमेंट , 6 बोरी बालू, 12 बोरी गिट्टी का मिक्स मटेरियल बनाना है)
पोल को खड़ा करके गढ्ढे में पत्थर भर दिया जाता है और नाम मात्र को कनक्रीट का उपयोग किया जा रहा है और बहुत सी जगह पर तो सीधे ही मिट्टी में 11मीटर के पोलो को खड़ा कर दिया गया है ऐसे में अधिकांश पोल इधर उधर बहक गए है जो केवल खंभा तार के सहारे टिके है नही तो बहुत से खंभे जमीन पर गिर चुके होते अभी बहुत से पोल इधर उधर झुक गए है बरसात में हो सकते है बहुत सारे खंभे जमीन पर नजर आएंगे।
अब सुरक्षा व्यवस्था पर नजर डाले तो,,?
जो भी ठेकेदार के द्वारा लेबर काम कर रहे हूं उन मजदूरों के पास सुरक्षा हेतु सेफ्टी बेल्ट,हेलमेट, टूल किट, जूता, रस्सी, झूला होना चाहिए लेकिन मजदूरों की सुरक्षा के नामपर मौके पर नियमो को ठेंगा दिखाते है। जब कि विभाग की इस हो रहे mprdc द्वारा ये कार्य दिया गया लेकिन देख रेख स्थानीय जेई और डी साहब की निगरानी में किया जाना है लेकिन सूत्रों की माने तो इन अधिकारियों ने इस कई महीनों से चल रहे कार्य को कभी देखने मौके पर नही गए केवल ठेकेदार के इशारे पर सारे दस्तावेजो को शहर में बैठे बमद ऑफिसों में ही क्लियर कर दिया जाता है इसके पहले भी मीडिया में इस कार्य के बारे में सुर्खियां में था लेकिन स्थानीय अधिकारियो ने अपनी स्वार्थ शिद्ध होने पर सारे घटिया कार्य को सही कर क्लीन चिट ठेकेदार को देते चले गए।
एक बहुत ही आश्रय की बात है।
जब हमने मैहर डिविजन के जेई,ऐई, डीई से लाईन शिफ्टिंग के काम को करने के लिए बात की, की कब कब लाइट बन्द के लिए परमिट दिया गया, और उसको कब कब न्यूजपेपर में सूचनार्थ दिया गया जानकारी मांगी तो सभी ने जवाब देने से इंकार कर दिया। हमारे सूत्रों से ज्ञात हुआ है की इस काम के लिया आज दिनाक तक कोई भी लाइन बंद करने का सूचनार्थ किसी भी न्यूजपेपर मे प्रकाशित नही किया गया है इससे तो यही बात साबित होती है की इस कार्य को चोरी छुपे कराया जा रहा है? जब काम जनता के लिए हो रहा है तो उसमे छुपाने वाले क्या बात है? इसके आगे कुछ और जानकारी के साथ भाग 3 में।



