खिरहनी ओव्हर ब्रिज से जुहला रपटा तक स़ड़क उन्नयन कार्य हेतु भूस्वामियों के साथ बैठक संपन्न

कटनी दर्पण। मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना के द्वितीय चरण के अन्तर्गत खिरहनी ओव्हर ब्रिज से जुहला रपटा तक सडक उन्नयन कार्य के अन्तर्गत सडक में आनें वाले अवरोधों को दूर करानें के लिए आवश्यक विचार विमर्श हेतु आयुक्त सत्येन्द्र सिंह धाकरे की उपस्थिति में अतिक्रमित भूमियों के भूमिस्वामियों के साथ नगर निगम कार्यालय परिसर में आज सायंकाल 4 बजे से आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान निगमायुक्त धाकरे नें उपस्थित भूस्वामियों से चर्चा की जाकर उपकी समस्याओं को सुना। मुआवजा प्रदान किये जानेे की बात पर नियमों की जानकारी प्रदान करते हुए बताया गया कि नगरीय क्षेत्र में मुआवजे का प्रावधान नहीं है। उसके बदले में एफ.ए.आर में छूट प्रदान की जा सकती है। जिसका लाभ नियमानुसार आप लोगों को दिया जावेगा, एफ.ए.आर को आप अपनी सुविधानुसार अन्य किसी भूस्वामी को विक्रय भी कर सकते है।
निगमायुक्त धाकरे नें बैठक के दौरान उपस्थित भूस्वामियों से कहा कि शहर का विकास सभी के साथ मिलकर होता है। कलेक्टर महोदय की भी यही मंशा है कि सभी को साथ लेकर ही स्थल पर अच्छे से अच्छा विकास कार्य करें। स्थल पर विकास होनें से उसका लाभ सभी को मिलेगा, मार्ग चैडा होनें से आवागमन सुचारू होने साथ- साथ दुर्धटना की संभावना भी कम होगी। अपकी सहमति के आधार पर ही आगामी निर्णय लिया जावेगा। मुख्य मंत्री अधोसंरचना फेस -3 में नगर में और भी विकास कार्य किये जाने है सहमती नहीं मिलनें से विकास कार्य प्रभावित होगें। निगायुक्त धाकरे ने जानकारी देते हुए बताया कि विकास कार्य हेतु अधिकांश लोगों नें सहमती प्रदान कर दी है। कुछ स्थलों को छोडकर शेष स्थलों में विकास कार्य नहीं करना चाहते, शेष लोग भी नगर हित में शीध्र विचार कर सहमति प्रदान करें ताकि स्थल का एकरूपता से अच्छे से अच्छा विकास किराया जा सके। बैठक के दौरान प्रभारी कार्यपालन यंत्री राकेश शर्मा, सहायक यंत्री सुनील सिंह सहित भूमिस्वामी आशीष कुमार द्विवेदी, हरिनारायण गर्ग, संतोष कुमार दुबे, श्रीमति हबीबा खातून शेख मुस्ताक, रामसहाय दुबे, श्याम गुप्ता, अशोक कुमार दुबे, टिल्लू सिंधानिया, रविकांत बजाज, प्रवीण बजाज, रीतेश गुप्ता, सुदर्शन स्वर्णकार, अमन सिंह ठाकुर, मोहम्मद फारूख, रजनीश पटैल, संजय गुप्ता, सर्वेश श्रीवास्तव, मुकेश अग्रवाल सहित अन्य जनों की उपस्थिति रही।



