बिरसा मुंडा ने अंग्रेजी हुकूमत के विरूद्ध आदिवासियों को किया था एकजुट

आंगनतिराहा में बिरसा मुंडा की प्रतिमा लगाने के साथ, बिरसा मुंडा तिराहा घोषित करने की मांग
मंडला। बुधवार को जिले भर में आदिवासी नेता और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद बिरसा मुंडा की पुण्य तिथि मनाई गई। इसी कड़ी में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के जिलाध्यक्ष इंजी. कमलेश तेकाम के नेतृत्व में उपनगर महाराजपुर के आंगनतिराहा में शहीद बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि मनाई गई। कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों द्वारा शहीद बिरसा मुंडा के तैल्य चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके कृतित्व को याद किया गया।
गोंगपा के जिलाध्यक्ष इंजी. कमलेश तेकाम ने बताया कि शहीद बिरसा मुंडा द्वारा छेड़ा गया उलगुलान अर्थात विद्रोह अंग्रेजी हुकूमत और स्थानीय शोषकों के खिलाफ महज एक तात्कालिक आदिवासी विद्रोह मात्र नहीं था। बल्कि यह पूरा आंदोलन उस समय के आदिवासी और व्यापक समाज के पुनर्गठन का लोकप्रिय जन अभियान बन गया गया था। कार्यक्रम में उपस्थित गोंगपा के संभागीय अध्यक्ष मेहत लाल बरकड़े ने कहा कि अंधविश्वास को मिटाने और बीमारियों के प्रसार को रोकने में बिरसा मुंडा ने काफी प्रयास किए हैं। 9 जून 1900 ई. में झारखंड इलाके के आदिवासी लोक नायक व स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा, अंग्रेजों के शासनकाल के दौरान जेल में शहीद हो गए थे।
सामाजिक बुराईयों के विरूद्ध छेड़ा था अभियान-गोंगपा के संभागीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र मरावी ने कहा कि जब पूरे छोटानागपुर इलाके में अकाल और प्लेग महामारी का भीषण प्रकोप पड़ा था और इससे संक्रमित होकर अनेकों गांव के लोग अकाल मौत का शिकार हो रहे थे। ऐसी विकट स्थिति में बिरसा मुंडा अपने युवा साथियों के साथ लोगों की तीमारदारी में जुट गए। प्लेग संक्रमितों की दिनरात सेवा कर कईयों की जान बचाने के साथ साथ सभी लोगों को स्वच्छ पानी पीने और साफ सफाई से रहने का भी अभ्यास कराया। आदिवासी समाज के लोगों के शारीरिकव मानसिक स्वास्थ्य को खोखला बनाने वाली अंधविश्वास जादू टोना जैसी सामाजिक कुरीतियों और खासकर नशा पान जैसी बुराइयों के खिलाफ सामाजिक जन जागरण को अपने आंदोलनात्मक गोलबंदियों का अहम हिस्सा बनाया।
आंगनतिराहा में प्रतिमा लगाने की मांग-गोंगपा के जिलाध्यक्ष कमलेश तेकाम ने बताया कि पिछले कई सालों से महाराजपुर के आंगनतिराहा में बिरसा मुंडा की आदमकद प्रतिमा लगाने की मांग की जा रही है। इसी के साथ इस तिराहा का सौंदर्यीकरण कराकर बिरसा मुंडा तिराहा घोषित करने की मांग की जा रही है। इस संबंध में पिछले साल राज्यसभा सांसद सम्पतिया उइके को अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन भी सौंपा गया था जिसमें उन्होंने आश्वासन भी दिया था लेकिन आज तक न आंगनतिराहा का सौंदर्यीकरण कराया गया, न प्रतिमा लगाई गई और न ही इस तिराहा का नाम बिरसा मुंडा के नाम पर किया जा सका है।
ये रहे उपस्थित-आंगनतिराहा में आयोजित कार्यक्रम में कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए सीमित संख्या में गोंगपा के पदाधिकारी, कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इसमें संभागीय अध्यक्ष मेहत लाल बरकड़े, उपाध्यक्ष देवेन्द्र मरावी, जिलाध्यक्ष इंजी. कमलेश तेकाम, उपाध्यक्ष विकास लखपति, जिला प्रवक्ता राजेन्द्र धुर्वे, जिला महामंत्री सतीष ताम्रकार, सदस्य अंकित सेंदराम आदि उपस्थित रहे।



