बालू,रेत की लूट है लूट सके तो लूट

बंसिया थाना अंतर्गत हर्रई, नेहरा में रात दिन हो रहा अवैध रेत का उत्खनन गांधी के बंदरो की तरह गूगा बहर अंधा बना प्रशासन
थानों का रेट फिक्स हर ट्रैक्टर ट्रक से ली जाती है एंट्री
बंसिया थाना अंतरगत रेत का अबैध उत्खनन बहुत जोरो से हो रहा है साम होते ही ट्रक और टेक्टरों का मेला नदी के घाटो में देखा जा सकता है और जो एक पुरानी कहावत है कि बुरा मत देखो बुरा मत सुनो और बुरा मत कहो उस कहावत को पूरी तरह से बंसिया थाना प्रभारी अपने अंदर धारण किए हुए हैं।
समूचे देश मे जहां शासन प्रशासन सख्ती दिखाकर कोरोना की चेन तोड़ने के लिए दिन रात मेहनत कर रहा है। वहीं प्रशासन द्वारा कोरोना काल में भी अवैध रूप से खनिज माफियाओं द्वारा रेत का खुलेआम अवैध उत्खनन किया जा रहा है और प्रशासन मूकदर्शक बना कोई भी कार्यवाही करने से वंचित है। प्रशासन की मानें तो कोरोना से निपटने के लिए प्रशासन लॉकडाउन लगाकर इस चैन को तोड़ना चाह रहा है लेकिन खनिज माफियाओं पर इसका कोई भी असर दिखाई नहीं दे रहा है माफियाओं के आगे सरेंडर कर चुकी सरकार ,पुलिस की नाक के नीचे बालू रेत का खनन इस कदर नदियों को खोकला कर रहा है कि दावा है कि सरकार के खजाने में कई करोड़ रुपए की चोट पहुंच रही है और जो पैसा स्कूल पुल बिजली-सड़क-पानी देने के लिए जो पैसा सरकारी खजाने में आना चाहिए कैसे वह बालू माफिया और भ्रष्टाचारियों की जेब में जा रहा हैदेखे यहां पर लिफ्टर लगाकर नेहरा घाट व हर्रईघाट पर धड़ल्ले से रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है।
अवैध रूप से संचालित बंशिया थाना क्षेत्र अंतर्गत नेहरा घाट व हर्रई घाट स्थानीय प्रशासन की मिली भगत से संचालित करवाया जा रहा है। खनिज माफियाओं द्वारा खुले आम दिन रात बेखौफ होकर खनन किया जा रहा है।नदी में लिफ्टर डालकर रेत निकाली जा रही है ट्रको और ट्रैक्टर द्वारा स्थानीय पुलिस की शह पर खुलेआम परिवहन हो रहा है यहाँ तक कि कोरोना चेन को रोकने हेतु जगह जगह पुलिस चेकिंग के लिए जो बेरीक्रेट्स लगाए गए हैं वो भी इन रेत के वाहनों को देखते ही खोल दिये जाते हैं यह रेत चंदला , लवकुशनगर होते हुए महोबा उत्तरप्रदेश व जिला मुख्यालय (छतरपुर) तक बेखौफ भेजी जाती है आखिर इन खनिज माफियाओं पर लॉक डाउन का कोई असर क्यों नहीं दिखाई दे रहा है।
बिना रायलटी के चल रहा है रेतकाअबैध करोवार खनिज, राजस्व,पुलिस के आला अधिकारी मौन
सोसल मीडिया प्रिंट मीडिया इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में लगातार खबरों के प्रकासन के बाद हर्रई घाट प्रशासन के आला अधिकारी पहुचे खनिज अधिकारी अमित मिश्रा को न तो हर्रई घाट में खड़ा लिफ्टर दिखा और न ही नदी में रेत निकासी को लेकर हुए बड़े बड़े गड्ढे यहाँ तक कि ग्रामीणों के द्वारा प्रदेश के मुखिया के द्वारा चलाई गई जान कल्याणी योजना cm हेल्पलाइन में हर्रई हो रहे अवैध उत्खनन के लिए जो शिकायत की गई थी उसे भी खनिज अधिकारी अमित मिश्रा ने यह कहकर समाप्त करवाने की कोसिस की गई कि हर्रई में किसी प्रकार का अवैध उत्खनन नही हो रहा है खनिज अधिकारी आखिर ऐसा क्यों कर रहे हैं क्या है कारण अर्थ की चकाचौंध या फिर सफेद पोश नेताओ का भय माफियाओं पर रोक के लिए मजबूत तंत्र बनाया जाए जहां भी अवैध खनन होता मिलता है तो वहां के अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए भ्रष्टाचार के इस खेल में कौन-कौन शामिल है शिवराज सरकार तुरंत जांच करवाएं।



