भीम रथ

ज्ञान पथ ,ज्ञान पथ
भीम रथ, भीम रथ,
गली गली, पथ पथ,
गांव शहर, जन पथ,
शनैः शनैः,गति रत,
मण्डित करे,खण्डित छत।
मलीन मन लतपत ,
भीम पुत्र , श्रम रत
रात-दिन, रहत व्यस्त ,
भीम रथ, भीम रथ,
गली गली, पथ पथ,
शनैः शनैः,गति रत,
मण्डित करे,खण्डित छत।
भीम रक्त, रथ पथ,
गली गली, पथ पथ,
दलन करे, दुष्ट मत,
भीम रथ, भीम रथ,
शनैः शनैः,गति रत,
गली गली, पथ पथ,
मण्डित करे,खण्डित छत।
अंधज्ञान अस्त व्यस्त,
कोटि देव, सहस्र मत,
मानव मानव अनेक मत,
भीम रथ, भीम रथ,
गली गली, पथ पथ,
शनैः शनैः,गति रत,
मण्डित करे,खण्डित छत । बोधिज्ञान, एक पथ ,
अंगीकृत, सहस्र सत,
सर्व रक्षक, तथागत ,
भीम रथ, भीम रथ,
गली गली, पथ पथ,
शनैः शनैः,गति रत,
मण्डित करे,खण्डित छत ।
ज्ञान पथ ज्ञान पथ
भीम रथ, भीम रथ,
गली गली, पथ पथ,
मण्डित करे,खण्डित छत ।
लेखक/कवि
डॉक्टर परशुराम आठनेरिया
इन्दौर



