साहित्य दर्पण

भव्य आशुदोहा लेखन का आयोजन

रविवार, दिनांक ४ जुलाई,२०२१ की शाम शारदे काव्य संगम मंच द्वारा जूम एप्प के माध्यम से भव्य आशुलेखन दोहा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया ।
दीप प्रज्वलन आ. राम नाथ साहू ‘ननकी’ जी के करकमलों द्वारा किया गया । माल्यार्पण आ. राजकुमार छापड़िया जी ने किया और शंखनाद सुश्री ज्ञानेश्वरी साहू जी के द्वारा किया गया । आज की संचालिका और कार्यक्रम आयोजिका आ. व्यंजना आनंद ‘मिथ्या’ ने अपने मधुर कंठ से माँ शारदे की वंदना प्रस्तुत की ।
आज के कार्यक्रम में कुल 13 कलमकारों ने अपना भाग्य आजमाया और त्वरित दोहों का सृजन कर पटल को गौरान्वित किया । पूरे कार्यक्रम के दौरान आ. राजकुमार छापड़िया जी ने हर कवियों को सृजन शब्द प्रदान किए और साथ-ही-साथ मुक्तक एवम् दोहों की बरसात कर कार्यक्रम को सजीव बनाये रखा । आ. संचालिका ने कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों को बांधकर रखा । आज के निर्णायक छंद गुरु आदरणीय रामनाथ साहू ‘ननकी’ जी ने त्वरित परिणाम की घोषणा करने से पहले सभी आदरणीय साहित्यकारों को उनके दोहा लेखन में निहित कमजोर पक्ष को दर्शाते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना जी । उन्होंने कहा ऐसी प्रतियोगिता हमारे कवि रूप के आकलन का अच्छा माध्यम है, ऐसी प्रतियोगिता बीच में होती रहनी चाहिए ।
आज की प्रथम विजेता रहीं आदरणीया निरामणी श्रीवास नियति जी जिन्होंने संयम शब्द पर बेजोड़ दोहा लिखा:-
संयम धीरज साथ रख, मंजिल होगी पास ।
करें कर्म नित साधना , रख के मन विश्वास ।।
द्वितीय स्थान मिला आदरणीया हरिहर सुमन ‘सीधी’ को, जिन्होंने परिभाषा शब्द को दोहे में तब्दील किया :-
परिभाषा भाषित करें, जन-गण-मन कल्याण ।
तभी अमर होगा सुमन, अपना हिंदुस्तान ।।
तृतीय स्थान मिला मंजिरी निधि जी को जिन्होंने आनंद लिया विषय पर त्वरित निर्दोष दोहा लिखा :-
काज करो आनंद से, मन में रखकर आस ।
आये बाधा राह तो, होना नहीं उदास
और प्रतिभागियों ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुति से मंच को शोभायमान किया । प्रतिभागी की सूची-
1)नीरामणी श्रीवास नियति
2) रानू मिश्रा
3) कुसुम लता ‘कुसुम’ नई दिल्ली
4) अमरनाथ सोनी “अमर” सीधी मप्र
5)शिव प्रकाश साहित्य
6)चन्दन केसरवानी कानपुर उ.प्र.
7) हरिहर ‘ सुमन’ सीधी (म .प्र.)
8) गीता पांडे अपराजिता रायबरेली उत्तर प्रदेश
9) भास्कर सिंह माणिक,कोंच
10) बृजबाला श्रीवास्तव सुमन
11) मंजरी “निधि ”
12) योगिता चौरसिया
13) नरेन्द्र वैष्णव
इस प्रतियोगिता में शारदे काव्य मंच के अलंकरण प्रमुख आ अमित टंडन जी तथा मंच संरक्षक आ शैलेन्द्र पयासी जी की भूमिका सराहनीय रही ।सबके सहयोग से कार्यक्रम को एक ऊँचाई प्राप्त हुआ।
आदरणीया व्यंजना आनंद ‘मिथ्या’ ने सभी को धन्यवान ज्ञापन करते हुए कार्यक्रम के समापन की घोषणा की और कहा ऐसी प्रतियोगिता आगे भी आयोजित की जाएँगी ।

शैलेन्द्र प्यासी

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