लगातार दो वर्षों से बंद हैं स्कूलें, प्राथमिक शिक्षा से बच्चे हो रहे वंचित

कोविड-19 के दौरान देश में लॉकडाउन के कारण जहां आर्थिक स्थिति खराब हुई है,लोगों के जनजीवन प्रभावित हुए हैं, तो वही बच्चों के प्राथमिक शिक्षा पर भी जोरो का असर पड़ा है।गौरतलब है कि पिछले 2 वर्षों से प्राथमिक स्कूलें बंद है, हमारा घर,हमारा विद्यालय के तहत बच्चों को घरों में जाकर पढ़ाने के विकल्प भी सामने आए,बच्चों को पढ़ाने के लिए सरकार द्वारा डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल भी करवाया गया, लेकिन ग्रामीण अंचलों में संसाधनों के अभाव के कारण बच्चे प्राथमिक शिक्षा से वंचित है। बताया गया कि जिले में कक्षा 1 से 8 तक कि स्कूलें पिछले 2 वर्षों से बंद है, बंद स्कूलों को खोलने के लिए शासन प्रशासन व शिक्षा विभाग के जिम्मेदार लोग कोई सार्थक कदम नहीं उठा रहे, जिससे बच्चों का भविष्य अंधकार में जाता दिख रहा है। स्थानीय ग्रामीणों की माने तो ग्रामीण अंचलों के अधिकतर गांवों में मोबाइल नेटवर्किंग सहित स्मार्ट मोबाइल संसाधनों का अभाव गांवों में पिछले लंबे समय से बना हुआ है,ग्रामीण अंचलों के अधिकतर अभिभावक स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं करते, जिससे स्मार्टफोन के तहत डिजिटल टेक्नोलॉजी के ज़रिए बच्चों को दी जाने वाली शिक्षा केवल कागजों में संचालित होती दिख रही है, जिससे बच्चे प्राथमिक शिक्षा से पूरी तरह वंचित हैं।
जिले के प्राथमिक स्कूलों को खोलने प्रशासन करे विचार-जिले भर के प्राथमिक स्कूलें पिछले 2 वर्षों से बंद है, जिससे स्कूली बच्चे घरों में ही रह रहे हैं। आदिवासी बाहुल्य जिले के गांवों में अधिकतर अभिभावक भी अपने अपने बच्चों को प्राथमिक शिक्षा नहीं दे पा रहे, जिससे बच्चों में शिक्षा का स्तर दिनोंदिन गिरता जा रहा है, जबकि बच्चों को प्राथमिक शिक्षा देना अनिवार्य है, ताकि बच्चों की बौद्धिक क्षमता का विकास किया जा सके।लेकिन जिले में काफी लंबे समय से स्कूलें बंद हैं और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित है। शासन प्रशासन द्वारा वाह-वाही लूटने के उद्देश्य से बच्चों को निशुल्क खाद्यान्न, गणवेश व पुस्तक आदि का वितरण कर दिया गया, लेकिन अध्यापन कार्य शुरू करवाने के लिए शिक्षा विभाग व शासन प्रशासन के जिम्मेदारों द्वारा कोई पहल नहीं की गई,लोगों ने प्राथमिक शिक्षा केंद्रों को खोल कर बच्चों की कक्षाएं शुरू करवाने की मांग की जा रही है, ताकि बच्चों की पिछड़ते प्राथमिक शिक्षा के स्तर मैं सुधार लाया जा सके।



