संगीता साकुरे को अर्पित की श्रद्धांजलि

बालाघाट। जिले के ख्यातिलब्ध पत्रकार व पत्रिका समाचार पत्र के जिला प्रतिनिधि भानेश साकुरे अभी पिता का सर से साया उठ जाने के दुख के संताप से उभरे नहीं थे कि अचानक उनकी धर्मपत्नी संगीता साकुरे ने भी उनका साथ छोड़ दिया। बीते 7 अप्रैल को मृदुभाषी, मिलनसार, सामाजिक सफल गृहणी संगीता साकुरे ने बीमारी के चलते अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार ग्राम लामता के मोक्ष धाम में विधि विधान से किया गया। जहां ग्रामीण जन, चिर परिचित और नाते रिश्तेदारों ने बैकुंठधामी को नम आंखों से अपनी अंतिम विदाई दी। गौरतलब रहे देश में कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए लागू तालाबंदी और अन्य पाबंदियों के कारण प्रदेश के पूर्व मंत्री व विधायक गौरीशंकर बिसेन, परसवाड़ा विधायक रामकिशोर कावरे और भाजपा जिला अध्यक्ष रमेश भटेरे इस दुख की घड़ी में शामिल नहीं हो पाए थे। जिन्होंने शोकाकुल साकुरे परिवार को ढांढस बंधाते हुए दिवंगत को अपनी अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित की है। इन्होंने अपनी विनम्र शोक संवेदना में कहा कि ब्रह्मलीन का जीवन हमारे लिए प्रेरणादाई और स्मरणीय है। आपका यूं ही चले जाना समाज और देश के लिए अपूरणीय क्षति है जिसकी भरपाई युगीन असंभव है। प्रदेश के पूर्व मंत्री व विधायक गौरीशंकर बिसेन, परसवाड़ा विधायक रामकिशोर कावरे, भाजपा जिला अध्यक्ष रमेश भटेरे, जनपद पंचायत बालाघाट अध्यक्ष पूरन लाल ठाकरे, भाजपा नगर अध्यक्ष सुरजीत सिंह ठाकुर, दिलीप चौरसिया, हेमेंद्र क्षीरसागर, भाजपा मंडल अध्यक्ष राजेश मेश्राम, सतीश लिल्हारे, जितेंद्र चौधरी निरंजन लिल्हारे सुधीर चौधरी संतोष शुक्ला, गणेश लिल्हारे, गुलशन भाटिया, विजय बिसेन, ओमप्रकाश भोयर, बसंत पवार, ईश्वरलाल धावडे, चित्रसेन पारधी, मनोज पारधी, सुमित यादव, राजेंद्र चौधरी, मोनिल जैन, इनक लिल्हारे, विनोद वराडे, सहदेव लिल्हारे, नेत्तलाल सोनी, सचिन कटरे, ठानेन्द्र पटले छोटू भगत, सरपंच ग्राम पंचायत जरेरा संतोष क्षीरसागर, खिलेश्वर पटले और दुलिस तिलाशी समेत इत्यादि ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि मृत आत्मा को शांति और परिजनों को दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।



