जनपद पंचायत कार्यालय के तीन सालों से चक्कर लगा रही हैं पीड़ित महिला

मेरा क्या कशूर साहब…
मनीष श्रीवास रिपोर्टर जबलपुर/सिहोरा। जिला मुख्यालय के जनपद पंचायत कार्यालय सिहोरा के विगत तीन वर्षों से चक्कर लगा रही हैं पीड़ित परिवार की महिला। प्राप्त जानकारी अनुसार पीड़ित महिला ने हमारे रिपोर्टर को मंगलवार की जनसुनवाई में सुबह 11 बजे बताया कि मैं तीन साल से जनपद पंचायत कार्यालय सिहोरा के बार बार चक्कर लगा रहीं हूँ। जब इस बात को लेकर पीड़ित महिला ने बताया कि मैं सरीता नामदेव निवासी बंजर थाना क्षेत्र मझगवां की रहने वाली हूँ । मेरे पति स्व: अजय पिता गयाप्रसाद नामदेव उम्र 36 वर्षीय की 29/06/2020 जून को शाम 7 बजे के दौरान एक्सीडेंट दुर्घटना में मौत हो गई थी । जिसकी दुर्घनाग्रस्त राशि को लेकर मै लगातार जनपद पंचायत के चक्कर लगा रही हूं। न तो आज दिनांक मुझें सहायता राशि उपलब्ध कराई गई न ही जनपद पंचायत कार्यालय के अधिकारियों ने मुझें सन्तुष्ट भरा हुआ जवाब दिया। हर बार मैंने अपने कार्य को लेकर बात की तो कभी ये कागज कभी ओ कागज ला कर जमा कर देना बस यहीं तीन साल से चलता आ रहा है ।
पीड़ित महिला का क्या कशूर – जब इस पीड़ित महिला की समस्या को जनपद पंचायत कार्यक्रम सिहोरा में जा कर पूछा गया तो सुन कर हैरानी सी हुई की इतनी बड़ी लापरवाही की गलती महिला को झेलनी पड़ रही।पीड़ित महिला के आवेदक की जगह जनपद पंचायत ने किसी अन्य व्यक्ति का आधार कार्ड अपलोड कर दिया गया । इस गलती की वजह से 3 साल से सरीता अपने पति के एक्सीडेंट की राशि पाने भटक रही हैं ।
करे कोई भरे कोई – हाॅ कहावत किसी ने सही कहि हैं कि गलती कोई करता है और उसकी गलती की वजह से परेशान किसी अन्य को होना पड़ता है।
ग्रामीण इलाकों की जिम्मेदारी – ग्रामीण क्षेत्रों की जिम्मेदारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी से लेकर ग्रामीण स्पेक्टर, जी आर एस ,सचिव व सरपंच पद तक कार्य कर रहे इन लोगों की होती हैं ।फिर भी इतनी बड़ी लापरवाही बरतने के बाद अधिकारी शान्त बैठे हुए हैं ।
सिहोरा जनपद के चक्कर काट काट आज जन सुनवाई मे भी निराशा ही हाथ लगी पीड़ित महिला को।
सरिता नामदेव पति स्व:अजय नामदेव जिसका कोई सहारा नहीं वहीँ 2 माशूम बच्चों की परवरिश का जिम्मा बेसहारा माँ के जिम्मे बढ़ता चला जा रहा है । पीड़ित महिला ने जिलाधिकारी से की मांग जल्द से जल्द कराये हमारी समस्या का निदान ।
ग्रामीण क्षेत्र अधिकारी से चर्चा – हमारे रिपोर्टर से ग्रामीण क्षेत्र प्रभारी से मुलाकात में हुई पीड़ित महिला की चर्चा में बताया गया है कि कुछ समय पहले ही मेरे संज्ञान में आया है कि सरीता नामदेव पति स्व: अजय नामदेव की दुर्घटना में मौत हो गई थी ।पीड़ित महिला कई बार कार्यालय में आकर अपने सभी दस्तावेज पेश किए थे ।लेकिन कार्यालय में किसी अन्य व्यक्ति का आधार कार्ड अपलोड कर दिया गया है ।जिससे पीड़ित महिला का कार्य नही हो सका।



