खास खबरडिंडोरी दर्पणमध्य प्रदेश

बिना पैसे लिए पटवारी नहीं करता काम, लामबंद हुए ग्रामीण

डिंडोरी, जबलपुर दर्पण न्यूज। राजस्व निरीक्षक मंडल समनापुर अंतर्गत पटवारी हल्का नंबर 148 में पदस्थ पटवारी संदीप परमार के ऊपर क्षेत्रीय किसानों ने मनमानी करने के आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर पिछले दिनों चांदरानी गांव के दर्जनों किसानों ने कलेक्टर को ज्ञापन पत्र सौंपकर तत्काल पटवारी को हटाने की मांग की गई है। कलेक्टर के नाम सौंपे गए शिकायत पत्र में किसानों ने उल्लेख किया कि पदस्थ पटवारी भ्रष्टाचार की सारी हदें लांघ रहा है। आरोप लगाया गया कि पटवारी द्वारा किसान सम्मान निधि, नामांतरण, सीमांकन, नया पट्टा बनवाने, बटवारा कराने सहित अन्य सभी प्रकार के शासकीय कार्यों को निपटाने के लिए पटवारी खुलेआम पैसों की मांग करता है, पैसे देने के बाद ही पटवारी कार्यों को निपटाता है। आरोप है कि राजनीतिक रसूख के चलते पटवारी लगातार मनमानी कर रहा है, जिससे शिकायत के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हो रही। लोगों की माने तो जिले भर में पटवारियों की मनमानी इसी तरह से हावी है, जहां सभी जरूरी शासकीय कार्यों को निपटाने के लिए पटवारी पैसे की मांग करते हैं। बताया गया कि अगर कोई किसान पैसे देने की स्थिति में नहीं है, तो उनके काम सालों साल बाद भी नहीं हो पाती, जिससे सैकड़ों किसान कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर होते हैं।

निर्धारित मुख्यालयों में नहीं रहते जिम्मेदार पटवारी-एक ओर जहां शासन प्रशासन द्वारा किसानों को असुविधा से बचाने के लिए पटवारियों के लिए चिन्हित मुख्यालय का निर्धारण कर दिया गया है, निर्धारित मुख्यालयों में पटवारियों को हफ्ते में 3 दिनों तक रहकर किसानों की समस्याओं व कार्यों को निपटाने के आदेश हैं। तो वहीं दूसरी ओर जिले भर में पटवारियों की मनमानी चरम सीमा पर है, बिना पैसे लिए पटवारी किसी भी कार्य को नहीं कर रहे, जिससे शासन की मंशा पर पानी फिरता नजर आ रहा है। आरोप लगाया गया की निर्धारित मुख्यालयों में पटवारियों के न पहुंचने से किसान कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, बावजूद वर्षों से बनी समस्या का अब तक कोई ठोस उपाय नहीं हो पाई है। बताया गया कि आज भी सैकड़ों परेशान किसान नामांतरण, खेतों के बटवारा, बिक्री नामा, प्रधानमंत्री सम्मान निधि सहित अन्य कार्यों के लिए किसान पटवारियों के चक्कर काटते रहते हैं, बावजूद जिम्मेदार पटवारियों का कुछ भी अता पता नहीं रहता, जिससे सैकड़ों किसान आए दिन यहां वहां भटकते हुए नजर आते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page

situs nagatop

nagatop slot

kingbet188

slot gacor

SUKAWIN88