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एक ही सड़क पर चन्द महीनों की पेंच भर रहा तिरुपति बिल्डकॉन

विनय मिश्रा शहडोल ब्यूरो।

शहर के नामचीन व्यवसायियों के नाम सरकार की टैक्स चोरी, कभी सरकार की भूमि पे आधिपत्य तो कभी खनिज विभाग से निकाले गए पत्थर से कुछ मासूम बच्चों की मौत में अपना नाम दर्ज कराने वालों को किस विभूति से अलंकृत किया जाए और बात जब शहर से लेकर अन्य प्रांत और जिलों में अपना अलग स्थान बनाने का हो तो बात में फिर चार चांद लगना सा हो जाता है इन सब खूबियों के बाद तिरुपति बिल्डकॉन के मॉलिक अब बरस्ते पानी मे सड़को के गड्ढे भरते नजर आ रहे हैं वह भी ऐसा सड़क जो विगत कुछ माह पूर्व ही मरम्मत के लिए स्वीकृत हुआ था ।

ज्ञात हो शहडोल सम्भाग से लेकर अन्य प्रांत व जिलों में अपने कारोबार को संचालित करने वाले बुढार के प्रतिष्ठित व्यवसायी तिरुपति बिल्डकॉन के संचालक इन दिनों अनूपपुर जिले के बाधित मार्ग में पेंच भरने का कार्य कर रहे हैं सवाल यह नही कि यह कोई अनुचित कार्य है पर एमपीआरडीसी की चतुराई में गौर फरमाना लाजमी है जिस अमरकंटक मार्ग में किरर घाट क्षतिग्रस्त और बाधित है उससे शीघ्र पूर्ण करने की बजाय बहते पानी और भारी बारिश के बीच ठेकेदार को लाभ पहुंचाने हेतु सिर्फ मरम्मत का कार्य सौंपा गया है इस राजेन्द्रग्राम-अमरकंटक मार्ग में धनपुरी से लेकर अमरकंटक मार्ग का 33किमी के आसपास मरम्मत विगत कुछ ही माह पूर्व हुआ है पुनः उसी ठेकेदार तिरुपति बिल्डकॉन द्वारा 40 कि.मी अर्थात वहीं धनपुरी से अमरकंटक मार्ग में पेंच भरने का कार्य चल रहा है या तो उस वक्त मरम्मत का कार्य गुणवत्ताहीन था या फिर उसी ठेकेदार को पुनः उसी मार्ग को मरम्मत कराने का ठेका सौंपना एमपीआरडीसी के भ्रष्टाचार और जुगाड़ की कलई को दर्शाता है यह तो ठेकेदार के लिए भी पौ बारह साबित हो रहा है।

जून अंत से सितंबर तक बन्द होता है डामरीकरण-बड़े जानकारों की माने तो जून माह के अंतिम दिनों से सड़क में डामर कार्य बन्द कर दिया जाता है ताकि आगामी दिनों में मौसम अनुकूल होने पर सड़क दुरुस्त बनाया जा सके पर सड़क में मरम्मत के इस कार्य को जनसरोकार से भी जोड़ा जा सकता है किंतु बारिश के दौरान सड़क में पेंच भरना उस सड़क की गुणवत्ता पर क्या प्रभाव डालेगा यह तो विभाग, ठेकेदार या विशेषज्ञ ही बता सकते है कुछ जानकारों ने तो यहां तक कहा कि उसी सड़क को कुछ माह बाद ही मरम्मत कराना यह तो ठेकेदार को दोहरा लाभ दिलाने की फिराक है या फिर यूँ कहें कि गड्ढों को भरने की आड़ में अच्छे सड़क की मरम्मत को पेश कर शासन की राशि से खिलवाड़ है।

आयकर विभाग का छापे की मुहर भी-सरकार के टैक्स चोरी करने में आमादा अपने आपको कम्पनी के रूप में स्थापित करने वाले इस तिरुपति बिल्डकॉन कम्पनी की नब्ज कुछ वर्ष पहले आयकर विभाग ने टटोला था यहां तक कि इस कम्पनी की अन्य शाखाओं में विभाग के छापे का मुहर लगा था इतने बड़े व्यवसायी होकर कहीं न कहीं ऐसे घिनौने कृत्य व्यक्ति विशेष पर एक अलग दाग छोड़ते हैं जो शायद सर्फ एक्सेल से भी न धुलें बहरहाल जब अखबार प्रकाशन में कम्पनी के अन्य कार्यो के चर्चे हो तो ऐसे बदनुमा पहलू याद आ ही जाते हैं। अगले अंक में

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