गांधी प्रतिमा के सामने मौन सत्याग्रह कर प्राथमिक कक्षाएं शुरू करने की मांग

डिंडोरी, जबलपुर दर्पण ब्यूरो। जिलेभर के नर्सरी से आठवीं तक की कक्षाएं लगभग पिछले 2 वर्षों से बंद है, स्कूलें बंद होने से ग्रामीण बच्चे प्राथमिक शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। अशासकीय विद्यालय संचालकों के संगठन मध्य प्रदेश शाखा शाहपुरा के तत्वाधान में संसाधन विहीन बच्चों के लिए नर्सरी से आठवीं तक के विद्यालय खोलने हेतु व निशुल्क शिक्षा अधिकार अधिनियम के अंतर्गत पढ़ रहे विद्यार्थियों की विगत 3 वर्षों की फीस प्रतिपूर्ति कर विद्यालय खोलने के लिए मौन सत्याग्रह कर प्रदर्शन करते हुए स्कूल खोलने की मांग की गई। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूलों को खोले जाने की घोषणा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन सरकार द्वारा अपने वचन पलट जाने पर संसाधन विहीन बच्चों की शिक्षा के लिए चिंतित शिक्षा बचाओ मंच के अंतर्गत संचालकों ने नर्सरी से आठवीं तक के विद्यालय प्रारंभ करने की मांग की जा रही है। बताया गया कि बीआरसी भवन के सामने चल रहे सत्याग्रह को जबलपुर संभाग के पदाधिकारी ने पहुंच कर समर्थन दिया है। डिंडोरी जिले मैं उक्त मांगों को लेकर विगत 41 दिनों से चल रहे मौन सत्याग्रह के समर्थन में प्रदेश के लगभग 10 जिलों में सत्याग्रह प्रारंभ हो चुका है, विद्यालयों को नहीं किया गया तो संचालकों द्वारा प्रदेश स्तर पर व्यापक आंदोलन हेतु भोपाल में एकत्रित होकर शिक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी मांगों की पूर्ति के लिए मजबूर होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी सरकार की होगी। सत्याग्रह में शहपुरा विकासखंड के संचालक लाला प्रसाद झारिया, डीएन श्रीवास्तव, विनोद कुमार ठाकुर, आर के पांडे, अजय सिंह, विमल कुमार गौतम, माखनलाल झारिया, सुरेंद्र कुमार सिंह, राजमणी सिंह, रामेश्वर प्रसाद झारिया सहित अन्य लोग मौजूद रहे।



