ओबीसी मामले में भाजापा कांग्रेस पर आरोप लगाने के पहले अपने गिरेबान में झांक कर देखें: कांग्रेस प्रवक्ता
जबलपुर दर्पण। प्रदेश प्रवक्ता टीकाराम कोष्टा ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार और राज्य सरकार बड़ी चालाकी से एससी ,एसटी , ओबीसी आरक्षण के समाप्ति की साजिश के तहत शासकीय उपक्रमों को पूंजी पतियों के हवाले कर निजी करण को बढ़ावा दे रही है । ज्ञात हो 15 माह की कमलनाथ की सरकार ने ओबीसी आरक्षण को 14 से 27 फीसद किया था। शिवराज की सरकार ने न्यायालय में इस मुद्दे पर गंभीरता से ओबीसी के पक्ष में अपना मत नहीं दिया। 20 अगस्त 2020 को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में अतिरिक्त महाधिवक्ता पुष्पेंद्र यादव ने शासन का पक्ष हाईकोर्ट में प्रस्तुत किया। जिसमें उन्होंने27% आरक्षण ओबीसी वर्ग को न देकर 14% ही दिया जाए प्रदेश सरकार की ओर से यह अभिमत न्यायालय में प्रस्तुत किया था ।इससे स्पष्ट होता है कि आज जो ओबीसी वर्ग के हितेषी बन रहे हैं सत्तरह वर्षों से प्रदेश की सत्ता में काबिज हैं और जब कांग्रेस पर आरोप लगाने के पहले भारतीय जनता पार्टी अपने गिरेबान में झांक कर देखें।ओबीसी वर्ग को कांग्रेस द्वारा14 से 27% आरक्षण दिया तो भा जा पा ने अपने लोगों के माध्यम से न्यायालय में स्टे लिया। स्टे लेने वह कौन भाजपा के कार्यकर्ता गए यह सर्व विदित है भारतीय जनता पार्टी की कथनी और करनी के साथ-साथ इनका चाल चरित्र और चेहरा उजागर हुआ।



