रीठी में बड़े ही धूमधाम व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव

कटनी/रीठीदर्पण । नंद के घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की सहित भक्तिमय गीतों के बीच रीठी में धूमधाम व हर्षोल्लास के साथ भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। वहीं जगह-जगह मटकी फोड़ प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। इस अवसर पर घरों मे व मंदिरों में भगवान की विशेष पूजा-अर्चना की गई। भगवान को माखन, मिश्री, हलबा, लड्डू, पंचामृत का भोग लगाया गया। नगर के रामजानकी मंदिर, स्टेट बैंक के सामने राधाकृष्ण मंदिर सहित अन्य मंदिरों में श्री कृष्ण जन्माष्टमी की धूम मची रही। वहीं स्टेट बैंक के सामने राधाकृष्ण मंदिर, गोल बाजार परिसर सहित अन्य स्थानो पर मटकी फोड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें मटकी फोड़ने वाले को नगर राशि भेंट कर सम्मानित भी किया गया। देखा गया कि रीठी नगर के राम जानकी मंदिर मे श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित पूजा-अर्चना के बाद जैसे ही भगवान का प्रकट उत्सव हुआ तो पूरा मंदिर प्रांगण नंद के घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की गूंज से गुंजायमान हो उठा। इस दौरान पंडित रामकेत शास्त्री, राजेश कंदेले, नंद कुमार अग्रवाल, बिंजन श्रीवास, प्रभु दुबे ऋषभ पाल, मंयक कंदेले सुनील दुबे साकेत कंदेले, संतोष सेन, अनमोल अग्रवाल,रामकिशोर पटेल विजय नामदेव विजय पटेल, अनिल मांझी, राशू कंदेले, मुकेश कंदेले अखिलेश गुप्ता, रीतेश गुप्ता, दीपक पटेल, सुरेंद्र साहू हेमन्त सेन सोनू सेन, मोहन पाठक सीताराम पटेल कल्लू प्रधान विनोद यादव सहित बड़ी संख्या मे लोग उपस्थित थे।
जय गोविंदा जय गोपाला के जयकारों से गूंजा लघु वृंदावन धाम-लघु वृन्दावन धाम के नाम से प्रसिद्ध रीठी जनपद की ग्राम पंचायत बांधा-इमलाज के राधाकृष्ण मंदिर में भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। देखा गया कि अर्ध रात्रि तक प्रसिद्ध राधेश्याम मंदिर में लोगो की भीड़-भाड़ बनी रही, बांधा-इमलाज गांव में जैसे रात्रि मेला भरा हुआ हो। प्राप्त जानकारी के मुताबिक कटनी जिले के रीठी तहसील क्षेत्र के बांधा में करीब डेढ़ सौ साल पुराने मंदिर में बांसुरी की तान सुनने के लिए श्रद्धालु पहुंचते है। बताया जाता है कि यहां किसी समय पर भगवान श्री कृष्ण की बांसुरी बजी थी जिसे सुनने के लिए आज भी लोग पहुंचते हैं इसी कड़ी में सोमवार को सुबह से देर रात तक संगीतमय भजन एवं राधाकृष्ण नाम संकीर्तन के नाम पर भक्त नाचते झूमते नजर आए एवं संध्याकालीन में भगवान श्री कृष्ण की महा आरती के बाद श्री कृष्ण जन्म महोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। बताया गया कि हर वर्ष यहां हजारों की संख्या में लोग श्री कृष्ण जन्म उत्सव मनाने के लिए पहुंचते हैं।



