भोपाल दर्पणमध्य प्रदेश

सहायक कलेक्टर एवं एसडीएम तूमड़ा शाला का अवलोकन कर हुये गदगद

भोपाल/आशीष राय। मध्यप्रदेश के जिला नरसिंह्पुर की तहसील गाडरवारा को गतदिवस आई एस एस सुश्री सृष्टि जयंत देशमुख अनुविभागीय अधिकारी(राजस्व) गाडरवारा एवं जिले के सहायक कलेक्टर नागार्जुन बी गौड़ा के संयुक्त दल ने वि.ख.साईंखेड़ा की राज्य स्तरीय मॉडल शाला, शासकीय प्राथमिक बालक शाला तूमड़ा का विशेष शैक्षिक भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने सर्वप्रथम बच्चों के लिए जनभागीदारी से विशिष्ट आकर्षक शैली में निर्मित बालकेन्द्रित पुस्कालय का पुस्तकें पढ़कर शुभारंभ किया और इसे छात्र उपयोगी बताया, पुस्तकालय में सभी धर्मग्रंथों,कहानी ,नैतिक शिक्षा,राष्ट्रीय भाव से ओतप्रोत पुस्तकों , पत्र- पत्रिकाओं एवं समाचार-पत्रों की उपलब्धता थी, अपनी ओर से कुछ अन्य और अधिक छात्र उपयोगी पुस्तकें देने की माँग को तत्काल प्रसन्नता पूर्वक स्वीकृति प्रदान की तत्पश्चात उन्होंने शाला परिसर का उत्साह पूर्वक गहन निरीक्षण किया ,जिसमें विशेष आकर्षक अंदाज में परिसर के बीचोंबीच स्थापित “अक्षर वृक्ष” का अवलोकन किया और अक्षर छू कर देखे, परिसर में स्थापित सुन्दर प्रधानमंत्री की कुर्सी से युक्त बाल-केबिनेट में बनायी गयी आकर्षक प्रधानमंत्री की कुर्सी को निहारा, प्रधानपाठक कक्ष के शाला दर्पण में प्रदर्शित छाया चित्रों व शाला को गत वर्षों में प्राप्त अनेक सम्मान के प्रमाण पत्रों का अवलोकन करते हुए शाला को प्राप्त राज्य स्तरीय स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार एवं राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान , हाईकोर्ट जज द्वारा प्राप्त सम्मान जैसे उल्लेखनीय कार्यों पर बड़ी प्रसन्नता जाहिर की। इसके अलावा द्व अधिकारियों ने उत्सुकता पूर्वक शौचालय की स्वच्छता, हैन्डवास युनिट, साबुन व शैनेटाइजर की उपलब्धता, झाड़ू रखने का सुव्यवस्थित स्थान ,अलग-अलग कचरा डालने वाले कूड़ादान पात्र, अक्षर चकरी,बच्चों को स्वयं सीखने के उद्देश्य से बाउन्ड्रीवाल में लगाये गये बड़े-बड़े सीमेन्ट के कलरफुल अक्षर, खिलौने,खेल- सामग्री लघु वाटिका न्यूज़ इन्बाक्स आदि का एक -एक कर ऩिरीक्षरण करने के फलस्वरूप यहाँ पदस्थ राजकीय सम्मान प्राप्त शिक्षक हल्केवीर पटैल के द्वारा शिक्षा गुणवत्ता की दिशा में किये गए उक्त नवाचारों की मुक्तकंठ से प्रसंशा की तथा इसे ऱाष्ट्रनिर्माण में उल्लेखनीय एवं अनुकरणीय कदम बताया तत्पश्चात सुश्री देशमुख ने कोरोना संकट के समय बच्चों को घर पर स्वअध्यन हेतु शिक्षक हल्केवीर द्वारा डिजीटल संसाधनों से वंचित विद्यार्थियों के घरों को पेन्टिंग व चित्रकला द्वारा सजाकर घर आधारित शिक्षण को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से स्कूल जैसा वातावरण प्रदान किये जाने वाले नवाचार की सराहना की तथा इसे वेहद छात्र उपयोगी बताया और इसके लिए द्व अधिकारियों नें शिक्षक हल्केवीर को अक्षर लिखा हुआ “घर की पाठशाला” का मॉडल भेंट करते हुये इस मुहिम को गाँव गाँव पहुँचाने की घोषणा की। एसडीएम सुश्री देशमुख और सहायक कलेक्टर श्री गौड़ा ने पैदल चलकर विद्यार्थियों के घरों पर शिक्षक हल्केवीर द्वारा बनाई गई घरों की पाठशाला का भ्रमण कर जायजा लिया तथा बच्चों से लिखी गई शिक्षण सामग्री पढ़वाकर देखी और बच्चों से मधुर संवाद किया। इस नवाचार को आई ए एस सुश्री देशमुख ने समयानुकूल एक सकारात्मक कदम करार दिया। दोनों अधिकारियों ने शिक्षा, शिक्षण व शिक्षक के लिए अभी तक के निरीक्षणों में सबसे अधिक लगभग 3 घंटे का मूल्यवान समय देकर शिक्षकों व बच्चों का हौसला बढ़ाया और यह संदेश देने की कोशिश की कि शिक्षा, शिक्षक और विद्यार्थी राष्ट्र के लिये बहुमूल्य और अत्यावश्यक हैं। अंत में शाला प्रमुख मनीष पटैल ने दोनों अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर समस्त शिक्षकों सहित सरोज सिलावट, वर्षा गुमास्ता, प्रियान्शु खेमरिया, हिमान्शु दिक्षित,हिमांशु खेमरिया तथा अंकित सहित ग्राम कोटवार, जी आर एस उपस्थित थे।

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