दुर्लभ बीमारी की चपेट में मासूम, इलाज के लिए मदद् की गुहार

जबलपुर र्दपण। दो वर्षीय मासूम रद्रांश वथाव गले की दुर्लभ बीमारी सबग्लोटिक स्टेनोसिस से पीडि़त है, जिससे बच्चा न तो सांस ले पाता है और न ही बोल पाता है, इस बीमारी के उपचार के लिए परिजनों के अनुसार 12 लाख रूपये से अधिक का खर्चा आना है, जिसके लिए उन्होंने सभी से मदद की गुहार लगाई है।
मासूम के पिता आकाश वथाव ने बताया कि वह अधारताल के संजय नगर के निवासी है, वह प्राइवेट शिक्षक का काम करते हैं। दुर्लभ बीमारी के कारण उसकी श्वांस नली बाधित है और वह सामान्य व्यक्ति की तरह मुहं व नाक से सांस नहीं ले पाता है। चिकित्सकों ने उसके गले के नीचे एक छेद किया है और उसमें एक कृत्रिम नली डाली है, जिसे ट्रेकीर्योस्टमी कहते हैं। जिसके माध्यम से वह मासूम सांस ले पाता है। उन्होंने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति अत्यंत खराब है, इस वजह से वह अपने मासूम का इलाज करवाने में अस्मर्थ हैं, जिसकी लिए उन्होंने सामाजिक संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों, शासन-प्रशासन, नागरिकों सहित अन्य से मदद की गुहार लगाई है, ताकि उनका बच्चा अन्य बच्चों की तरह स्वस्थ्य होकर खेलकूद व पढ़ाई कर सके।
घर में बच्चे के लिए चिकित्सकीय रुम बनाया और बताया कि उनके पास इतने पैसे नहीं है कि वह अपने बच्चे को अस्पताल में भर्ती करवाकर बच्चे का इलाज करवा सकें। इसके लिए उन्होंने विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह के अनुसार अपने घर के एक कक्ष को ही बच्चे का आईसीयू व चिकित्सकीय रूम बना दिया है। जिसमें शक्सन मशीन, नेबुलाइजर मशीन, हीटिंग मशीन आदि उपलब्ध है। गंभीर बीमारी से पीडि़त की मदद करने वाले उनके संजय नगर पॉवर हाउस अधारताल में पहुंचकर मदद कर सकते हैं या फिर उनके भारतीय स्टेट बैंक खाता धारक का आकाश कुमार वथाव, खाता क्रमांक 32301468460, सीआईएफ नम्बर 86317584454, आईएफएससी कोड एसबीआईएन 0006038 पर मदद राशि पहुंचा सकते हैं। या पेटीएम व वाट्सएप नम्बर 8871332635 या गूगल पे 7000653316 पर भी मदद कर सकते हैं।



