कांग्रेस की मांग पर कमलनाथ के दबाव में झुकी शिवराज सरकार, बिना ओबीसी आरक्षण के पंचायत चुनाव नहीं होंगे
जबलपुर दर्पण।मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रदेश प्रवक्ता टीकाराम कोष्टा ने कहा कि शिवराज सिंह के नेतृत्व वाली भाजपा की मध्यप्रदेश सरकार ने ओबीसी आरक्षण के बिना पंचायत चुनाव नहीं करने की कांग्रेस की मांग के सामने यू टर्न लेकर समर्पण कर दिया है। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दो दिन पहले ही कांग्रेसी विधायक दल की बैठक के बाद मध्यप्रदेश कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश सरकार के इस बयान के बाद यह बात स्पष्ट हो गई है कि भारतीय जनता पार्टी अब तक लगातार झूठ बोल रही थी। भाजपा की रणनीति जानबूझकर चुनाव प्रक्रिया में संवैधानिक कमियां छोड़कर चुनाव से बचने की थी। भाजपा का चरित्र शुरू से ही ओबीसी विरोधी रहा है कोष्टा ने बताया कि माननीय कमलनाथ जी ने बहुत स्पष्ट शब्दों में मध्यप्रदेश सरकार को समझा दिया था कि अगर ओबीसी आरक्षण के बिना पंचायत चुनाव कराए गए तो कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर संसद तक और न्यायालय तक संघर्ष के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि सरकार ओबीसी आरक्षण के बिना पंचायत चुनाव कराने के पक्ष में नहीं है और वह इस मामले में दोबारा सुप्रीम कोर्ट जाएगी। नौकरियों में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण भी भाजपा के कारण से रुका है। पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण को भी भाजपा ने नुकसान पहुंचाया है। भारतीय जनता पार्टी के सरकार में बैठे हुए लोग ओबीसी आरक्षण को लेकर कांग्रेस को बदनाम करने की कोशिश कर रहे थे लेकिन वह खुद ही अपने बुने हुए जाल में फंस गए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा से ही ओबीसी वर्ग की हितैषी पार्टी रही है। हमने सदैव ही इस वर्ग के हित व कल्याण के लिये लड़ाई लड़ी है। ओबीसी को कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस की सरकार ने 8 मार्च 2019 को नौकरियो में ओबीसी वर्ग के आरक्षण को 14% से बढ़ाकर 27% करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया था। इससे पहले कांग्रेस की ही दिग्विजय सिंह सरकार ने 14% आरक्षण देने की शुरुआत की थी। जबकि भाजपा लगातार झूठ बोलकर इस वर्ग की हितेषी होने का ढोंग करती आ रही है।



