भ्रष्ट रोजगार सहायक को बचाने की जुगत में लगे जनपद पंचायत के अधिकारी

जबलपुर दर्पण। जनपद पंचायत डिंडोरी के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत सरहरी मैं हुए भारी भरकम भ्रष्टाचार की शिकायत ग्रमीणों द्वारा जनसुनवाई में कई गई थी,जिसके अंतर्गत जनपद पंचायत डिंडोरी से गठित ग्यारह सदस्यी जाँच दल ने मौके पर जाकर ग्राम पंचायत सरहरी में जाँच किया, जिसमें रोजगार सहायक दोषी पाया गया, एवं उसका ट्रांसफर किसी दूसरे ग्राम पंचायत में कर दिया गया। कुछ ही दिनों के बाद ट्रांसफर आर्डर को रद्द करते हुए, पुनः रोजगार सहायक को सरहरी में ही पदस्थ कर दिया गया, जो समझ से परे है। उसके बाद पुनः जनसुनवाई अंतर्गत जिला कलेक्टर के आदेश में डिप्टी कलेक्टर द्वारा रोजगार सहायक की शिकायतों का जाँच किया गया और जाँच का पंचनामा बनाया गया जिसमें रोजगार सहायक दोषी पाया गया , बावजूद रोजगार सहायक पर कोई कार्यवाही ना करते हुये, उस
रोजगार सहायक को बचाने के लिए जाँच के सारे नियमों का उल्लंघन करते हुए ,डिप्टी कलेक्टर के बाद जिला पंचायत के आदेश में जिला पंचायत एवं आर ई एस के अधिकारियों द्वारा जाँच किया गया जो नियम विरुद्ध है।
ग्राम पंचायत सरहरी के ग्रामीणों की मांग पर सूचना के अधिकार के तहत कलेक्टर कार्यालय एवं जिला पंचायत के द्वारा जाँच प्रतिवेदन तो दिया गया, परन्तु कलेक्टर कार्यालय द्वारा डिप्टी कलेक्टर के जाँच का पंचनामा एवं जिला पंचायत द्वारा शिकायतकर्ताओ के बयान का कागज नहीं दिया गया,जबकि सूचना के अधिकार के तहत शिकायतकर्ताओ द्वारा उपरोक्त दोनों कागजों की भी माँग की गई थी।


