नारीशक्ति संगठित होकर ही भारत को विश्व गुरू बनायेगी

जबलपुर दर्पण। महिलाओ को प्रतिनिधित्व देने के साथ समाज मे बराबरी से गुरू परंपरानुसार कर्तव्य का निर्वहन नारी करती है। भारतीय संस्कृति मे नारी शक्ति उन्नत और विचारशील के साथ परम वैभव के त्याग तपस्या की प्रतिमूर्ति है। भारत को विश्व गुरू बनाने के लिए नारी शक्ति को संगठित होकर प्रयास करना चाहिए।विविध जिम्मेदारियो को सफलतापूर्वक संपन्न करने के लिए ईश्वर ने नारी को शक्ति और ऊर्जा का स्वरूप दिया है। पानी की लहरो, मन की अशांति को शांत करने के लिए मां का वंदन होता है। संस्कारो के साथ आगे बढने से सफलता निरंतर मिलती है। उक्त स्वाती गोडबोले, अश्वनी परांजपे ,अलका गर्ग, अर्चना सिसौदिया ब्रम्हकुमारी पूजा दीदी ने कौशल्या रामायण मंडल, कचनार क्लब ,महिला मंडल के संयोजन मे अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित सम्मान समारोह मे सिसोदिया पैलेस कंचन विहार मे कहे।
अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस “मजबूत भविष्य के लिए लैंगिक समानता जरूरी है” उद्देश्य को आधार बनाया गया है, सिसौदिया पैलेस में विविध क्षेत्र मे कार्यरत 200 से अधिक मातृशक्ति का सम्मान किया गया ।
इस अवसर पर नीता जैन, अर्चना गौतम, वंदना आनंद, संध्या सिंह, मालती व्यास, किरण खंडेलवाल, निशि, शोभा, प्रिया, अर्चना लोधी, निधि सिंह चंदेल, संध्या चौबे सहित
श्री नीरज सिंह, संतोष तिवारी, धीरज पटेल, शिव, प्रमोद , योगेश चंदेल, एस डी सोनी, आर एन गर्ग, सहित
हाकिम सिंह तोमर, विक्रम सिंह चौहान, शंकर सिंह, राजेश दुबे सहित बडी संख्या मे महिलाओ की उपस्थिति रही।



