देवरा माल में मुक्तिधाम पहुंचने के लिए नहीं है मार्ग, होती है परेशानी

बरसात के मौसम में खेतों के रास्ते फिसल भरी मार्ग से गिर जाते हैं अर्थीयां
डिंडोरी,जबलपुर दर्पण ब्यूरो। जिले के डिंडोरी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत देवरा में पंचायत प्रतिनिधियों की मनमानी करने का मामला सामने आया है। बताया गया है विकासखंड डिंडोरी क्षेत्र अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत देवरा माल में श्मशान घाट तक पहुंचने के लिए अभी तक मार्ग का निर्माण कार्य करने पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा कोई पहल नहीं की गई। स्थानीय लोग डिजिटल युग में अभी भी श्मशान घाट तक पहुंचने के लिए मशक्कत कर रहे हैं। श्मशान घाट तक पहुंचने के लिए ठोस रास्ता न होने के कारण परिजनों को अंतिम संस्कार करने में परेशानी हो रही है, कारण कि मुक्तिधाम तक पहुंचने के लिए मार्ग नहीं है, जिससे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि ग्राम पंचायत देवरा माल में ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए ग्राम पंचायत द्वारा नर्मदा के तट पर श्मशान घाट का निर्माण कार्य तो करवाया दिया गया, परंतु पहुंचने के लिए रास्ते का उचित प्रबंध करना भूल गए। बताया गया है शासकीय भूमि नहीं होने के कारण अभी तक रास्ता नहीं बनाया जा सका है, जिससे अंतिम संस्कार करने में परिजनों को परेशानी हो रही है। स्थानीय ग्रामीणों की मानें तो परेशानी उस समय ज्यादा बढ़़ जाती है, जब खेतों में फसल लगी हो या फिर बरसात का मौसम हो। मुक्तिधाम तक रास्ता बनाए जाने की मांग को लेकर स्थानीय लोग कई बार मांग शासन प्रशासन से मांग कर चुके हैं, लेकिन अभी तक रास्ता बनाए जाने कोई पहल नहीं की गई। बरसात के मौसम में गांव के पास बने मुक्तिधाम पर लोगों को अपने परिजनों के अंतिम संस्कार करने के लिए आने जाने में लोगों को काफी संभलकर निकलना पड़ता है, क्योंकि मुक्तिधाम तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को खेतों से होकर अस्थाई रास्ते से निकलने में परेशानी हो रही है। कई बार तो अर्थी ले जाने वाले लोगों के फिसलने के कारण अर्थी के गिरने की स्थित बन जाती है। खासकर बरसात के मौसम में रास्ते में अर्थी न गिरे इसके लिए अर्थी के आसपास लोगों को ध्यान रखकर चलना पड़ता है। मुक्तिधाम तक पहुंचने के लिए स्थानीय ग्रामीण खासकर बरसात के मौसम में ज्यादा परेशान होते हैं। ग्रामीणों की मानें तो मृतक के परिजनों को संस्कार करने के लिए बरसात के मौसम में काफी संघर्ष करना पड़ता है, क्योंकि बरसात के मौसम में खेतों में पानी भरा होने के कारण लोगों को खेतों के मेड़ों पर चलना मुश्किल हो जाता है। मजबूरी में लोगों को खेतों से भरे पानी के बीचों बीच से होकर निकलना पड़ता है। मुक्तिधाम तक पहुंचने के लिए इस मार्ग के अलावा दूसरा कोई रास्ता भी नहीं है। मामले को लेकर देवरा माल के लोगों के द्वारा अपनी मांगों को लेकर अब सीएम हेल्पलाइन का सहारा लिया है, जिससे कि ग्रामीणों को परेशानी से निजात मिल सके।



