बाल न्यायालय न्याधीश रिजवाना कोसर, मुख्य अतिथि के रूप में रही मौजूद

पुलिसिया विभाग में दो दिवसीय अपराध अनुसंधान प्रशिक्षण वर्ग आयोजन
डिंडोरी, जबलपुर दर्पण ब्यूरो। डिंडोरी जिला पुलिस अधीक्षक संजय सिंह के आदेशानुसार जिला पुलिसिया विभाग में दो दिवसीय अपराध अनुसंधान प्रशिक्षण वर्ग का आयोजन किया गया। बताया गया कि एसडीओपी रवि प्रकाश कोल के नेतृत्व व प्रदीप विश्वकर्मा, रक्षित निरीक्षक, संध्या ठाकुर, एस. डी.ओ.पी शहपुरा विजय गौठरिया, डी.एस.पी. महिला प्रकोष्ठ के मौजूदगी में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। गौरतलब है कि दो दिवसीय अपराध अनुसंधान प्रशिक्षण वर्ग के दौरान बाल न्यायालय न्याधीश मुख्य अतिथि के रूप में रिजवाना कोसर मौजूद रहीं। कार्यक्रम के दौरान श्याम सिंगोर, महिला बाल विकास न्यायालय डिंडौरी के द्वारा मौजूद अधिकारियों, कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया। आयोजन में सर्वप्रथम दीप प्रज्जवलित करने के बाद कार्यक्रम का शुभारम्भ व उद्बोधन पुलिस अधीक्षक संजय सिंह ने किया। मुख्यातिथि रिजवान कोसर न्यायाधीश बाल न्यायालय डिण्डोरी द्वारा बाल अपराध एवं कानूनी विधान पर प्रशिक्षण पर उद्बोधन दीं। रवि प्रकाश कोल अनु.अधिकारी पुलिस डिण्डोरी ने आधुनिक तकनीक का अपराध अनुसंधान में उपयोग विषय पर प्रशिक्षित किए। विजय गोठरिया उप पुलिस अधीक्षक डिण्डोरी द्वारा महिला संबंधी अपराधों में विवेचना में कार्यवाई करने प्रक्रिया बताये। अनुविभागीय अधिकारी पुलिस शहपुरा प्रदीप विश्कर्मा द्वारा अपराध विवेचना के गुण बताए गए। महिला बाल विकास अधिकारी डिण्डोरी ने घरेलू हिंसा, पास्को एक्ट पर जानकारी दी। इसी तरह उप निरीक्षक उमा शंकर यादव द्वारा एस सी, एस टी एक्ट पर कानूनी विधान पर प्रशिक्षित किए। थानों में महिला पीड़िता के साथ संवेदनशील व्यवहारों एवं बालअपराधों पर जानकारी साझा की गई। बालकों के विरुद्ध घटित जघन्य अपराध सम्बन्धी सनसनीखेज प्रकरण की केस स्टडी के माध्यम से प्रकरण की सफल विवेचना संबंधी महत्वपूर्ण तथ्य बताए गए। कार्यक्रम के समापन अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे पुलिस अधीक्षक डिण्डोरी संजय सिंह, रवि प्रकाश कोल एसडीओपी डिण्डोरी, विजय गोठरिया डीएसपी महिला प्रकोष्ट डिण्डोरी सहित अन्य प्रशिक्षणार्थी अधिकारी कर्मचारी गणों ने दो दिवसीय प्रशिक्षण मे भाग लिया। थाना प्रभारीयों को महिला एवं बच्चों के विरुद्ध घटित होने वाली घटनाओं में तत्परतापूर्वक वैधानिक कार्यवाही हेतु महत्वपूर्ण दिशा निर्देश दिए गए।



