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झलोंन वन विभाग प्लांटेशन का गेट हुआ चोरी,रेजर का गोलमोल जबाब,राजीनामा करके निपटाया चोरी का मामला

जबलपुर दर्पण जबेरा संवाददाता/भगवत सिंह लोधी की रिपोर्ट। जिले की तेदूखेडा तहसील अंतर्गत वन क्षेत्र झलोंन  में एक समय था जब वन विभाग का स्लोगन यह दर्शाता था कि तन मन धन सब से ऊपर वन लेकिन आज स्थिति बिल्कुल विपरीत हो गई है वन विभाग के नुमाइंदे ही शासन को चूना लगा रहे वही वनों की सुरक्षा को लेकर गम्भीर नही है। एक ऐसा ही बड़ा मामला सामने आया है जिसमें कुछ लोग नाम ना छापने की शर्त पर वन परिक्षेत्र अधिकारी पर मामला रफा-दफा करने का आरोप लगा रहे हैं
क्या है मामला
दमोह वन मंडल के अंतर्गत आने वाले तेंदूखेड़ा उपवन मंडल के अंतर्गत झलौन परिक्षेत्र की बिसनाखेड़ी वीट के कंपार्टमेंट नंबर आरएफ 170 मै वर्ष 2020-21 केम्पा मद से मिश्रित पौधरोपण किया गया जिसमें कुल रकवा-32 हेक्टेयर मैं से उपचारित रकवा-30 हेक्टेयर मैं 12000 पौधों का पौधारोपण  किया गया पौधारोपण के पहले गड्ढों के अलावा फेंसिंग कार्य एवं प्रवेश द्वार पर एक लोहे का गेट सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से लगाया गया ताकि पौधा रोपित होने के बाद किसी प्रकार से मवेशी अन्य लोग प्लांटेशन में ना प्रवेश कर सकें इन सारी व्यवस्था के लिए शासन द्वारा लाखों रुपए खर्च किए गए साथ ही कर्मचारियों को इसकी देखभाल की जिम्मेदारी सौंपी गई। प्रवेश द्वार का सेंचुरी गेट चोरी जिस कंपार्टमेंट की हम बात कर रहे हैं उस कंपार्टमेंट में मंगलवार बुधवार की रात्रि सेंचुरी गेट चोरी हो गया इतना ही नहीं इसके पहले भी पूर्व मैं बनी अन्य प्लांटेशन जिसमें प्लांटेशन आरएफ 147 का गेट फेंसिंग कटीला तार भी चोरी हुआ है कहने का तात्पर्य है कि प्लांटेशनो के लोहे के तारों,गेटों पर चोरों की नजर बनी रहती है और समय पाकर चोरी करते हैं कंपार्टमेंट 170 का जिन लोगों ने गेट चोरी किया उन लोगों को कुछ लोग एवं वन रक्षक द्वारा पकड़ लिया गया था इसके बाद उन्हें वन परिक्षेत्र कार्यालय लाया गया और समझौता की कार्रवाई कर उन्हें  छोड़ दिया गया वहीं कुछ लोगों ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया  इस गंभीर मामले मैं बड़े अधिकारी द्वारा सौदेबाजी की गई है। हालांकि इस संबंध में जब वन परीक्षेत्र अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि गेट चोरी हुआ था लेकिन संदेहियो को चोरी करते नहीं देखा गया कर्मचारियों एवं समिति सुरक्षा  श्रमिकों के बताए अनुसार तीन चार लोगों को पास के गांव से पकड़ कर लाए थे लेकिन जब कार्यवाही की गई तो बयान देते वक्त समिति सुरक्षा श्रमिक पलट गये कारण जो भी रहा हो, समिति सुरक्षा श्रमिक अपनी बात पर अडिक नहीं रहे बात जो भी हो पहले कह रहे थे चोरी इन्होंने की है बाद में कहने लगे कि इन्होंने नहीं की है जिस पर समझौता बना संदेही बोले जो भी प्लांटेशन में क्षतिपूर्ति हुई है उसका संपूर्ण भरण हम लोग करेंगे इसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया लेकिन सबसे बड़ी हैरानी की बात यह सामने आई की वन परीक्षेत्र अधिकारी यह जरूर कह रहे हैं कि जिन संदेहियो को कार्यालय लाया गया था कार्रवाई भी की गई है सदेहीयो ने कहा कि क्षतिपूर्ति का भरण हम करेंगे अब सवाल यह उठता है कि जब संदेहीयो ने चोरी ही नहीं की है तो मना कर देने की बात क्यों कर रहे हैं। इनका कहना-दीपेश जैन वन परीक्षेत्र अधिकारी झलोन ने बताया कि प्लांटेशन से जो चोरी की घटना हुई है उनकी संदेही होने क्षतिपूर्ति पूर्ण करने की बात कही है क्योंकि समिति सुरक्षा श्रमिकों ने पहले कहा कि चोरी इन्होंने की है जिसके आधार पर चोरों को पकड़ा गया लेकिन बाद में समिति सुरक्षा श्रमिक ने कहा यह लोग चोर नहीं हैं ऐसी स्थिति में जांच चल रही है लेकिन वन विभाग की कारवाही के भय से जिन लोगों के चोरी में नाम आए थे उन्होंने ही संपूर्ण छतिपूर्ति की भरपाई करने की बात कही है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वन विभाग के बयानों में संदिग्धों ने चोरी नहीं करने की बात की है वही हमारे स्टाप कर्मचारियों के बयानों में यह लोग संदिग्ध हैं ऐसी स्थिति मैं राजीनामा हुआ है कि हम लोग ठीक करा देंगे आप लोग हम पर किसी प्रकार का केस दर्ज नहीं करेंगे

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