Year: 2023
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जबलपुर दर्पण
संत शिरोमणि रविदास की पादुकाओं का पूजन कर उतारी आरती
जबलपुर दर्पण। मन चंगा तो कठौती में गंगा के उपदेश को जन जन तक पहुंचाने वाले संत शिरोमणि श्री रविदास…
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जबलपुर दर्पण
श्री गुप्तेश्वर महादेव का तांत्रिक भूतेश्वर श्रृंगार
जबलपुर दर्पण। श्री रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग के उपलिंग ,स्वयंभू सिद्धपीठ भगवान श्री गुप्तेश्वर महादेव जी को आज संध्या आरती में तांत्रिक…
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जबलपुर दर्पण
लम्बित माँगों का निराकरण न किए जाने के कारण कर्मचारियो का जारी आन्दोलन
जबलपुर दर्पण। उपरोक्त विषयान्तर्गत अवगत होना चाहेगे कि वि.वि. के कर्मचारी अपनी जायज माँगो को लेकर विगत कई दिवस से…
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जबलपुर दर्पण
प्रेमचंद की कहानियों ने बाँधा समाँ
जबलपुर दर्पण। संत अलॉयसियस स्वशासी महाविद्यालय जबलपुर में हिंदी साहित्य सभा द्वारा हिंदी साहित्य के श्रेष्ठ साहित्यकार प्रेमचंद को उनकी…
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अंरर्राष्ट्रीय दर्पण
“इमरान खान की जान खतरे में है”: पीटीआई के उपाध्यक्ष शाह महमूद कुरेशी का आरोप
जबलपुर दर्पण । पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के उपाध्यक्ष शाह महमूद कुरैशी ने दावा किया है कि पीटीआई प्रमुख इमरान खान…
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साहित्य दर्पण
भींगा एहसास
पहली बारिश की मिट्टी की खुशबू याद दिलाती है तुम्हारी, जब मिली थी निगाहें हमारी पहली बार तुम्हारी थकान भरी…
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संपादकीय/लेख/आलेख
समर्पण
अगर हमारा धर्म के प्रति समर्पण होगा तो हमे इसका अलग ही परिणाम मिलेगा ।बशर्ते निष्काम भाव से व पूर्ण विश्वास से हो । समर्पण एक पूर्ण भाव धारा है जो इंसान को २४ केरेट सा शुद्ध और खरा बना दे। समर्पण ऐसे हो जो मोक्ष के साथ योग करा दे जैसामरुदेवी माता के साथ हुआ। समर्पण -ध्यान-एकाग्रता-ज्ञानयोग सब भक्ति की पराकाष्ठा हैं सरल हृदय का योग हैं। इस धारा मेबहनेवाला भक्त भगवान बन जाता हैं । आत्मा परमात्मा में लीन वामन विराट और जीव शिव बन जाता हैं। दूध में शक्कर की तरहपरमात्मा से एकमेक होने के लिए गुड में मिठास की तरह भक्ति को आत्मसात करने के लिए कहा हैं अर्पणम-समर्पण-श्रद्धा चंदनम-शुभ्रभाव पाद वंदनम । समर्पण में श्रद्धा का महत्व ज्यादा होता है ।जिस पर श्रद्धा होती है उसी पर समर्पण होता है ।जिस पर श्रद्धा नहीं होतीउस पर समर्पण भी नहीं होता हैं ।जब श्रद्धा किसी व्यक्ति पर होती है और उसके प्रति समर्पण होता है तो समर्पण करने वाले को विशेषसुख मिलता है ।जब श्रद्धा भगवान के प्रति होती है और व्यक्ति भगवान के प्रति पूर्ण समर्पण कर देता है तो उसे विशेष आनंद मिलता है ।इसीलिए योगी आदमी भगवान से योग लगाते हैं और अपने आप को पूर्ण समर्पित कर देते हैं तो वे सुख,शांति और परमात्मा का आनंदलेते हैं ।समर्पण क्यों करना चाहिए ?क्योंकि जब तक समर्पण नहीं होता हैं तब तक सच्चा सुख नहीं मिलता हैं । सच्चे सुख की प्राप्ति केलिए समर्पण किया जाता है ।समर्पण यदि कपटपूर्ण है तो सुख भी दिखावा मात्र ही होगा । समर्पण से ही आत्मा के परमात्मा से दर्शनहोतें हैं।इसलिये कहा जाता हैं कि जो बताया गया है शास्त्रों द्वारा, गुरुजनों द्वारा,उसे बिना शंका के स्वीकार करो। पूर्ण आस्था सेसमर्पण से अंगीकार करो। समर्पण से ही आत्मा के परमात्मा से दर्शन होतें हैं। प्रदीप छाजेड़ ( बोरावड़ )
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जबलपुर दर्पण
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व ने रेलवे का स्वर्णिम युग प्रारंभ हुआ : राकेश सिंह
जबलपुर दर्पण । जबलपुर संसदीय क्षेत्र अंतर्गत सिहोरा रेलवे स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल किए जाने पर…
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खेल दर्पण
स्ट्रेन्थ लिफ्टरों ने किया संस्कारधानी का नाम रौषन
जबलपुर दर्पण । मध्य प्रदेष जागरूक खेल संघ के जिलाध्यक्ष राॅबर्ट मार्टिन ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया…
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जबलपुर दर्पण
बेरोज़गारी, मेंहगाई, भ्रष्टाचार और राजनीतिक शोषणसे त्रस्त जनता करेगी सत्ता परिवर्तनः पंडित पुरुषोत्तम तिवारी
जबलपुर दर्पण । इंडियन पीपुल्स अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. पुरूषोत्तम तिवारी ने पत्रकार वार्ता में पत्रकारों से चर्चा…
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