जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

प्रमोशन नहीं होने से कर्मचारियों में घोर निराषा

पदोन्नति नहीं देना तृतीय श्रेंणी के कर्मचारियों के साथ घोर अन्याय

जबलपुर। मध्य प्रदेष जागरूक अधिकारी कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति के जिलाध्यक्ष राॅबर्ट मार्टिन ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि शासन द्वारा प्रमोषन नहीं किए जाने से कर्मचारियों को एक ही पद पर रहते हुए सेवानिवृत्त होना पड़ रहा है यह कर्मचारियों के साथ शासन का अन्यायपूंर्ण व्यवहार है जिससे सबसे ज्यादा नुकसान तृतीय श्रेंणी में सबसे निचले पद पर कार्य कर रहे सहायक षिक्षक, वर्ग-3/ सहायक अध्यापक/स्टेनोटायपिस्ट के कर्मचारियों को उठाना पड़ रहा है। जबकि ये सभी लोक सेवक अपने-अपने विभागों में विगत कई वर्षों से अपनी सेवा देते आ रहे हैं परंतु शासन-प्रषासन इनकी सुध नहीं ले रहा यही वजह है कि ये अपनी सेवा पूंर्ण कर बिना पदोन्नति के ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं परंतु बार-बार मांग करने के बावजूद भी शासन के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही।
संघ ने आगे बताया कि शासन अपनी पक्षपातपूंर्ण नीती के चलते नित नये प्रयोगों का सहारा लेते हुए तृतीय श्रेंणी कर्मचारियों के भर्ती नियमों को बदल कर उच्च पद सीधी भर्ती से भर रही है जिससे निचले कर्मचारियों में घोर निराषा का भाव उत्पन्न हो रहा है यही वजह है कि उच्च पदों को अनुभवविहीन लोगों से भर दिया जा रहा है जो अनुचित है और सेवानिवृत्त होने वाले तृतीय श्रेंणी के कर्मचारियों को पदोन्नति नहीं दिया जाना न्यायोचित नहीं है। संघ शासन से अपील करता है कि तृतीय श्रेंणी के कर्मचारियों की पदोन्नति शीघ्र प्रारंभ की जाए एवं भर्ती नियमों में आंषिक परिवर्तन करते हुए तृतीय श्रेंणी के उच्च पद जैसे षिक्षक, अध्यापक, वरिष्ठ अध्यापक के पद 75 प्रतिषत पदोन्नति से एवं 25 प्रतिषत सीधी भर्ती से भरने का प्रावधान रखा जाए। जिससे कर्मचारियों को समय-समय पर पदोन्नति मिलती रहे और उनमें कार्य के प्रति उत्सुकता, लगन एवं दक्षता बनी रहे।
संघ के जिलाध्यक्ष-राॅबर्ट मार्टिन, स्टेनली नाॅबर्ट, दिलीप सिंह ठाकुर, दिनेष गौंड़, राकेष श्रीवास, हेमन्त ठाकरे, राजकुमार यादव, राॅबर्ट फ्रांसिस, सुधीर पावेल, क्रिस्टोफर नरोन्हा, आर.पी.खनाल, एनोस विक्टर, विनोदसिंह, गोपीषाह, सुनील झारिया, उमेष सिंह ठाकुर, रवी जैन, रामकुमार कतिया, गुडविन चाल्र्स, एस.बी.रजक, अफरोज़ खान, सुधीर अवधिया, योगेष ठाकरे, वीरेन्द्र श्रीवास, नीरज मरावी, मुन्नालाल कतिया, अषोक परस्ते, मनोहर विष्वकर्मा, दयाराम बेलवंषी, अनूप डाहट, राजू डहरिया, निलेष खरे, फिलिप अन्थोनी, रामकुमार कतिया, अनूप मरकाम, रऊफ खान, वसुमुद्दीन, राजेष सहारिया, शरीफ अंसारी, आदि ने शासन से मांग की है कि कर्मचारियों के प्रमोषन अतिषीघ्र किए जाए।

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