हनुमान जन्मोत्सव की भजन संध्या में अनुराधा के स्वरों से गूंजी संस्कारधानी

जबलपुर दर्पण। श्रीरामचंद्रजी के अनन्य भक्त हनुमान जी के जन्मोत्सव का अवसर हो और देश की जानी-मानी गायिका अनुराधा पौडवाल के स्वरों की सरिता, इन दोनों की जुगलबंदी से कितना मनोहारी दृश्य प्रस्तुत होगा, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। ऐसा ही दृश्य आज पाटन बायपास स्थित विदित सिग्नेचर टाउनशिप के विशाल परिसर में स्थापित श्री चिंतामणी हनुमान मंदिर में उपस्थित हुआ। जब हनुमान जन्मोत्सव की श्रंखला में आयोजित भजन संध्या में अनुराधाजी की धुनों पर भक्त जन नृत्य करने को विवश हो गये। हर तरफ भक्ति की गंगा प्रवाहित होती हुयी दिखाई दी। भक्तजनों ने विदित सिग्नेचर टाउनशिप में आयोजित हनुमान जन्मोत्सव के विविध कार्यक्रमों में भाग लेकर पुण्यलाभ प्राप्त किया।-हनुमानजी की भक्ति सा कोई नहींप्रख्यात गायिका अनुराधा पौडवाल ने अपने भजनों के माध्यम से हनुमानजी की भक्ति का ऐसा चित्रण किया कि श्रोता मंत्रमुग्ध हो गये। शाम 7 बजे से शुरु हुआ भजनों का दौर रात्रि 9 बजे तक एक सी लय में जारी रहा। कुछ भक्तजनों ने अनुराधाजी से अपने पसंदीदा भजन की फरमाइश भी की, जिसे उन्होंने पूरा किया।-राहगीर भी रुक गयेभजन संध्या का समां ऐसा बंधा कि विदित सिग्नेचर टाउनशिप के सामने वाले रास्ते से गुजरने वाले राहगीर भी रुक गये और भजनों का आनंद लेने लगे, ये दृश्य देखकर आयोजकों ने राहगीरों को कार्यक्रम में बुलाया और उन्हें प्रसाद आदि वितरण किया। भजन संध्या में बुजुर्गों के साथ महिलाओं और बच्चों की भी बड़ी संख्या मौजूद रही।-साज-सज्जा ने मोहा मनभजन संध्या के आयोजन स्थल की आकर्षक विद्युत साज-सज्जा ने आगंतुकों का मन मोह लिया। विदित सिग्नेचर टाउनशिप का पूरा परिसर दूधिया रोशनी से नहा रहा था। आगंतुक पूरे परिसर को घूमकर यहां स्थित पार्क एवं अन्य सुविधाओं का आनंद भी ले रहे थे। कार्यक्रम के समापन पर विदित सिग्नेचर के एमडी निमेष अग्रवाल,डायरेक्टर राहुल राय एवम् सीइओ पुनीत तिवारी ने कार्यक्रम में पधारे सभी जनता का अभिवादन करते हुए सभी को धन्यवाद दिया।-भक्ति के इन गीतों ने बांधा समां-हनुमान अमृतवाणी-हनुमान चालीसा -कृपा मिलेगी श्री राम की भक्ति को-राम न मिलेंगे हनुमान के बिना-जय जय हनुमान गोसाई-मंगल मूर्ति मारुति नंदन-आरती कीजिये हनुमान लला की-हे दुख भंजन-हे बजरंगबली हनुमान-हे महावीर करो कल्याण-पवनसुत विनती बारंबार



