वाहनों में भरपूर मात्रा में हो रहा, घरेलू गैस सिलेंडरों का उपयोग

गोटेगांव जबलपुर दर्पण । स्थानीय नगर में गैस रिफिलिंग का कारोबार खुलेआम चल रहा है। घरेलू सिलेंडरों से निकालकर फुटकर में छोटे गैस सिलेंडरों में गैस 180 से 200 रुपए किलो के हिसाब से भरी जा रही है। बिना सुरक्षा के खुलेआम चल रहे इस कारोबार से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इस संबंध में अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।मालूम हो कि नगर के गैस चूल्हा दुकानदार सिलेंडर से गैस निकालकर दो लीटर तथा पांच लीटर के सिलेंडरों में भरकर गैस बेच रहे है। नगर में यह धंधा खूब चल रहा है,गैस रिफिलिंग के समय निकलने वाली गैस से कभी भी हादसा हो सकता है। घरेलू गैस सिलेंडरों से कार,मारुति वेन में भी रिफिलिंग की जा रही है और यह वाहन सड़कों पर बगैर परमिट फर्राटे से घरेलू गैस से दौड़ रहे हैं,इसके बाद भी प्रशासन गैस के रिफिलिंग के कारोबार को बंद कराने के लिए कोई प्रयास नहीं करता है। जिससे यह धंधा बेरोकटोक फलफूल रहा है।
सस्ती यात्रा के लालच में भरते हैं एलपीजी-सस्ती यात्रा के चक्कर में न तो वाहन स्वामियों को इसकी फिक्र है और न ही प्रशासन को कोई चिंता। बात यहीं तक सीमित नहीं है,यहां पर रसोई गैस की रिफिलिंग का धंधा चमका है। नगर में ही इसकी रिफिलिंग की जा रही है फिर भी प्रशासनिक अधिकारियों को यह नजर नहीं आती।
वाहनों में लगे गैस सिलेंडरों में हो रही है गैस रिफिलिंग-नगर में एलपीजी से चलने वाले वाहनों की संख्या काफी है। वहीं पेट्रोल के नाम पर पंजीकृत कारे भी अलग से किट लगवाकर गैस से ही चलायी जा रही है। वाहन मालिक वाहन को सुनसान जगह पर ले जाकर स्वयं असुरक्षित तरीके से गैस रिफिलिंग करते, वहीं ब्रांडेड कंपनी की बजाय घटिया गैस किट लगाकर चलाए जा रहे इन वाहनों में हमेशा ही यह खतरा बना रहता है कि न जाने कब हादसा हो जाए,अवैध गैस रिफिलिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। जिससे अवैध गैस रिफिलिंग का कारोबार बंद हो,नगर में खुलेआम घरेलू गैस सिलेंडर से वाहनों में गैस भरी जा रही है। जिसे कोई भी जिम्मेदार अधिकारी सुनने-देखने वाला नहीं है।



