संपादकीय/लेख/आलेख

समय का इस्तेमाल हो सही

कहते है कि जिसने अपने जीवन में समय का सही से इस्तेमाल किया वह अपने जीवन में आगे बढ़ा हुआ हमको दिखा हैं । जीवन के इससंग्राम में हमको सही से अपने जीवन में समय की नब्ज टटोल कर आगे से आगे बढ़ना है । बीमारी या और कोई
अन्य व्यवधान आये तो उस हिसाब से हमको आगे सही चिन्तन से हर परिस्थिति में धैर्य रखते हुए आगे बढ़ना हैं । हमारा जीवन तथासमय हमेशा एक जैसा नहीं रहता है ।सुख और दुख का आना-जाना लगा ही रहता है । जिस प्रकार रात के बाद सुबह होती है उसीप्रकार दुख के बदल छट जाते है और खुशी के दिन आते हैं ।रात दुख का प्रतीक है और दिन सुख का प्रतीक हैं । जिस तरह पानी दोकिनारों के बीच बहते हुए आगे बढ़ता है उसी तरह जीवन में सुख और दुख दो किनारे हैं जीवन इन्ही के बीच चलता है । इस पर थोड़ाकिया गहन चिन्तन तो हमें समझ आ गया यह अकिंचन कि जीवन में मनचाहे को भी स्वीकारो तथा अनचाहे को भी स्वीकारो । दोनों हीस्थितियों में समता के भावों को मन व चिंतन मे उतारो । अनुकूल व प्रतिकूल दोनों ही स्थितियों को अपने गले लगाओ । खारी व मीठीहर तरह की दवा को बड़े उल्लास के साथ गटक जाओ । जो मान तथा अपमान दोनोँ ही परिस्थितियों को समान समझता है वह पथरीलीराह में चलकर भी ना कभी थकता है ना ही सिसकता है । कहते हैं कि इन्सान को समय सफल या असफल नहीं बनाता हैं ।बल्कि समयका सही इस्तेमाल व आदमी की लगन उसको सफल बनाते हैं । अतः हमें विपदाओं से कठिनाईयो से हार से हताश हुवें बिना, बिना रुकेदुगुने उत्साह से अपनी मंजिल की तरफ कदम बढ़ाते रहना चाहिए फिर देखें मंजिल (विजय) जीत सफलता हमारें क़दमो में होगी।
प्रदीप छाजेड़
( बोरावड़)

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page

situs nagatop

nagatop slot

kingbet188

slot gacor

SUKAWIN88