स्वास्थ्य विभाग में अटैचमेंट का खेल जोरों पर

जबलपुर दर्पण। मध्यप्रदेश अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार प्रदेश में शिक्षा एवं स्वास्थ्य दो सबसे बड़े विभाग हैँ जिनके प्रदेश के विभिन्न जिलों, तहसीलों एवं विकासखंडोँ में कार्यालय /संस्थाएं हैँ। लाखों अधिकारी -कर्मचारी कार्यरत हैँ।स्वास्थ्य मंत्रालय एवं स्वास्थ्य विभाग का प्रमुख लक्ष्य सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधा सम्पूर्ण संसाधनों के साथ उपलब्ध करवाना है। हर हाल में जन -जन तक स्वास्थ्य एवं शिक्षा की मूलभूत जानकारियां समय पर पहुंचाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संगठन के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह ठाकुर के अनुसार संस्कारधानी जबलपुर में मुख्य जिला चिकित्सालय के अंतर्गत स्वास्थ्य केंद्रों में पदस्थ कुछ लैब तकनीशियन अपनी मूल पदस्थापना ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देने से जी चुरा रहे हैँ दर्जन भर से अधिक लैब तकनीशियन ग्रामीण क्षेत्रों से दूर अलग- अलग कार्यालयों में अटैच हैँ। जोड़ जुगाड़ लगाकर ये कई वर्षों से शहरी क्षेत्रों में जमे हुए हैँ।ग्रामीण क्षेत्रों में जाने से बचने के लिए अपने मूल काम को छोड़कर कार्यालयों में अटैच होने के लिए नई -नई तिकड़मे लगा रहे हैँ। आर टी आई से प्राप्त जानकारी के अनुसार कुछ लैब तकनीशियन सिविल सर्जन कार्यालय में, कुछ विक्टोरिया हॉस्पिटल में तो कुछ एल्गिन हॉस्पिटल के ब्लड बैंक में अटैच हैँ तकरीबन दर्जन भर लैब तकनीशियन जिनकी ड्यूटी कहीं और हैँ वे अन्यत्र सुविधाजनक स्थान पर अटैच होकर मौज कर रहे हैँ।इसका दुष्परिणाम यह हुआ कि ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा व्यवस्था बेपटरी हो गयी है क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों के लैब तकनीशियन गाँव छोड़कर शहर में जमे है। इन ग्रामीण जनों को पैथोलॉजी की रिपोर्ट समय पर नहीं मिल पा रही है जिससे कि ग्रामीण जन समुचित इलाज से वंचित हो रहे हैँ।
मध्य प्रदेश अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त संगठन के दिलीप सिंह ठाकुर,भास्कर गुप्ता, जी आर झारिया, दुर्गेश खातरकर, ऋषि पाठक, विश्वनाथ सिंह, शैलेश पंड्या, रवि विश्वकर्मा,धर्मेंद्र परिहार, नितिन तिवारी, सतीश खरे, सुधीर गौर, अजय लोधी, बहादुर पटेल, विवेक साहू, दिलीप साहू, आशीष विश्वकर्मा, नीरज बाजपेई, श्याम सुन्दर शुक्ला, प्रशांत श्रीवास्तव, संदीप भागवत, माधव पाण्डेय, नारायण गौंड, शिव यादव, आदेश विश्वकर्मा, अंजनी उपाध्याय, चंद्रभान साहू, गंगाराम साहू, भोगीराम चौकसे, आसाराम झारिया,समर सिंह, महेश मेहरा,भोजराज विश्वकर्मा, सुरेंद्र परसते, देवेंद्र राजपूत, पंकज हल्दकार, अजब सिंह, सुल्तान सिंह, देवराज सिंह, इमरत सेन, लोचन सिंह, डेलन सिंह, विशाल सिंह, कमलेश दुबे, विष्णु झारिया, अफ़रोज़ खान, रवि केवट,आकाश भील,देव सिंह भवेदी, राशिद अली, मनोज कोल, रामदयाल उइके, पवन सोयाम,राकेश मून,रामकिशोर इपाचे, मोदित रजक, अजय श्रीपाल, मदन पांन्द्रो, संध्या पटेल, अनुराधा नामदेव, जया शुक्ला, सुनीता जॉर्ज, राजेश्वरी दुबे, दीपिका चौबे, मनोरमा ठाकुर,जागृति मालवीय, कल्पना ठाकुर,पुष्पा रघुवंशी, चंदा सोनी,अम्बिका हँतिमारे, पूर्णिमा बेन, योगिता नंदेश्वर, भागीरथी परसते, सिया पटेल, माया सोयाम, प्रेमवती सोयाम, क्षिप्रा सिंह, ब्रजवती आर्मो, रेनू बुनकर, अर्चना भट्ट, शबनम खान, शायदा खान,सुमिता इंगले,रौशनी महोबिया इत्यादि ने स्थानीय प्रशासन से अटैच मेन्ट समाप्त करके शहर के विभिन्न कार्यालयों में अटैच लैब तकनीशियन को उनके मूल कार्य स्थल पर भेजना सुनिश्चित करने की मांग की है।



