दिल्ली के नालों का पानी जहर से भी खतरनाक है

नई दिल्ली। डीपीसीसी के मुताबिक, आदर्श बीओडी स्तर 30 मिलीग्राम/लीटर है। खैबर दर्रा नाला का बीओडी लेवल 30 मिलीग्राम/लीटर और मेटकाफ हाउस नाला का 28 मिलीग्राम/लीटर दर्ज किया गया। हालांकि डीपीसीसी की नालों को लेकर जारी किए गए आंकड़ों पर दिल्ली सरकारी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति यानी डीपीसीसी ने अपनी रिपोर्ट में बताया गया कि बीओडी के अलावा टीएसएस और सीओडी से संबंधित मानदंडों का पालन करने में फेल रहे। टीएसएस का मतलब है पानी में मौजूद ऐसे कण जिन्हें आसानी से छानकर अलग किया जा सकता है। सीओडी का मतलब है विघटित ऑक्सीजन की मात्रा जो रासायनिक कार्बनिक पदार्थों को ऑक्सीकृत करने के लिए पानी में मौजूद होनी चाहिए। डीपीसीसी ने आगे बताया कि हमने 23 नालों से 3 अगस्त को नमूने एकत्र किए थे। 23 नालो में से अधिकांश के पानी की क्वालिटी पैरामीटर के अनुरूप सही नहीं थी।



