जबलपुर दर्पण

जीना तो है उसी का, जो औरों के काम आये

जबलपुर दर्पण। इंसानियत को समाज ही तरासती कुछ ऐसे भी व्यक्ति होते हैं जो अपनी कार्यकुशलता, सदव्यवहार, और हमेशा सहयोगात्मक विचारधारा के साथ प्रवाहित होते हुए समाज मे अमिट छाप छोड़ देते हैं। उनका सरल, सहज व मृदुभाषी होना सबको एक सम सम्मान देना, किसी की उलझन को अपनेपन की भावना से सुलझा लेना, मिलनसार होना और नेकी के पथ पर चलना,जिंदगी में जिसे ये अनमोल उपहार मिल जाये वही किस्मत वाले कहलाते हैं । निःसंदेह ऐसे ही व्यक्तित्व के धनी है हम सबके‌ नियर और डियर अनिल शुक्ला जो अपने मधुर और सद् व्यवहार से सबके चहेते है। मैं प्रमोद दुबे, निदेशक राजभाषा, देश में स्थित विभिन्न आयुध की निर्माणियों में पदस्थापना के बाद मई 2004 में आयुध निर्माणी पूना से जीआईएफ जबलपुर ट्रांसफर पर आया था तब तत्कालीन संयुक्त महाप्रबंधक प्रशासन माननीय बी पी मिश्रा,जो कि भारतीय आयुध निर्माणी संगठन के सफल और कुशल प्रशासनिक अधिकारी के साथ साथ एक नेकदिल इंसान से साक्षात पूर्व उनके पर्सनल सेकेट्री अनिल शुक्ला से भेंट हुई। अनिल के द्वारा दिया गया आदर, सम्मान आज भी तरोताज़ा सा है स्नेह की वह अविरल धारा सतत मधुर यादों में प्रवाहित होती आ रही है । हम ह्र्दय से स्नेहिल आशीर्वाद व दुआएं देते है कि अनिल हर दम सकारात्मक सोच के साथ समाज उत्थान में योगदान देते रहे। एक दिन अनिल शुक्ला ने अपनी पारिवारिक पृष्ठभूमि बताते हुए कहा कि पुण्य सलिला माँ नर्मदा के तट पर बसा ग्रामीण अंचल बिहर(पनागर) में राजवैद्य व सरपंच सम्मनानीय गोजी लाल शुक्ला के छोटे पुत्र जगदीश प्रसाद शुक्ला (पटवारी जी) श्रीमती भागवती देवी के घर आंगन में जन्म लिया था, माँ का आंचल और पिता की छत्रछाया में बचपन धूल मिट्टी से लबरेज था गाँव का हर रिश्ता अपनेपन का एहसास करता हुआ खुशिओं से जीवन का सफर शुरू हुआ। लेकिन बेहद अफ़सोस है कि इस खूबसूरत दुनिया में आज जिनकी वजह से वे है, अब उनके पूज्य पिता इस नश्वर संसार में नही है, बस उनके दिये संस्कार, उनकी पावन स्मृतियां ही आशीर्वाद स्वरूप अनमोल ज़िंदगी को पथ प्रशस्त कर रही हैं । अनिल अपने पूज्यनीय पिताश्री जगदीश प्रसाद शुक्ला-ममता मयी माँ श्रीमती भगवती देवी शुक्ला के छोटे सुपुत्र है, उनकी सुसंस्कारित जीवनसंगिनी श्रीमती मनीषा शुक्ला, बेटा अनुराग-बिटिया नेहा अपने पापा की सांसें और आंखें है, घर आंगन को अपनी किलकारियों से गुंजित करने वाले श्रेयश पांडेय अपने नाना, लाडली श्रीयम अग्रिमा, तोतले नटखट जय अग्रिम शुक्ला के दादू है। इंजी.अंकित पांडेय को अपना दामाद और संस्कारवान पुत्रवधू गरिमा को पाकर अपने भगवान का सुपर से भी ऊपर का उपहार मानते हुए अपने अनमोल जीवन को सार्थक मानते है। वे कहते है भगवान ने जो दिया है, जीवन मे वो पर्याप्त है । अनिल की शिक्षा दीक्षा फूटाताल, पनागर व जबलपुर से हुई है। अनिल शुक्ला, भारत सरकार, रक्षा मंत्रालय के आयुध निर्माणी संगठन की महत्वपूर्ण यूनिट रक्षा संस्थान ग्रे आयरन फाउंड्री(जीआईएफ) जबलपुर में पर्सनल सेकेटरी (जन संपर्क अधिकारी) के रूप में अपनी सेवाएं अर्पित की है । उन्हें अपने यशस्वी सेवा काल में लगभग दो सौ से अधिक पुरस्कार पाने का परम सौभाग्य मिल चुका है जिसमे 5 बार राजभाषा पुरस्कार भारत सरकार के माननीय केंद्रीय मंत्रियो श्रीमती विमला वर्मा, श्री यशवंत सिन्हा,कैप्टन जय नारायण निषाद,श्री अरुण जेटली, श्री प्रहलाद पटेल के कर कमलों से दिल्ली में राजभाषा के राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य मिला है अनिल शुक्ला को मंच संचालन में महारत हासिल है वे अत्यंत ही सारगर्भित, मनभावन, मंच संचालन करते है । अनिल मुझे बहुत सम्मान देते है और ये कहते नही थकते की प्रमोद दुबे सर, उनकी जिंदगी के कुशल, सफल अधिकारी के साथ साथ आदर्श इंसान है। जब तक सर्विस में थे जीआईएफ सुरक्षा संस्थान की गृह पत्रिका चेतना में अपनी कलम से प्रेरक लेखनीय कार्य किया और लंबे समय तक संपादक की भूमिका अदा की है। अब नगर की प्रतिष्ठ साहित्यिक संस्थाओं एवं राजभाषा की विकास यात्रा में पूर्ण समर्पण, वरिष्ठ नागरिकों के संगठनों की सेवा में समर्पित रहते है । वे मानते है कि यदि समझनी है जिंदगी तो पीछे देखो, जीनी है जिंदगी तो आगे देखो। जीवन में दो चीजों का कभी अंत नहीं होता भगवान की कथा का और मनुष्य की व्यथा का*। अगर हो सके तो किसी के सुख का कारण बनो, यही इंसानियत है, ऐसा करो कि आपके सदविचारों पर दूसरे विचार करे ऐसी ही पावन सदभावना उनके जीवन का लक्ष्य है। अभी तीन वर्ष पहले ही शहर के उप नगरीय क्षेत्र तिलहरी के अजय सत्य प्रकाश होम्स में परिवार के साथ निवासरत है। कम समय में इस आदर्श कॉलोनी में अपनी पहचान बनाने वाले अनिल शुक्ला के समर्पित प्रयास से सोसाइटी परिसर में शंकर भगवान के पवित्र शिवालय मन्दिर का निर्माण, सोसायटी के सभी सम्माननीय, सम्भ्रांत जनों के आग्रह पर क्षेत्रीय यशस्वी विधायक श्री अशोक ईश्वर दास रोहाणी एवं नगर निगम जबलपुर के अध्यक्ष यशस्वी श्री रिंकुज विज ने सोसाइटी परिसर को सौपा गया, सोसाइटी परिवार के सभी सदस्यों ने तन मन धन से सहयोग से एक भव्य और दिव्य शिवालय में भगवान की प्राण प्रतिष्ठा सोसाइटी के सभी रहवासियों संग‌, अनिल शुक्ला की पवित्र सद्भावना की अनमोल धरोहर मानी जा रही है। भगवान की श्रीकृपा अनिल पर सदा बरसती रहे। अभी अनिल शुक्ला एक कुशल पत्रकार की भूमिका अदा कर रहे हैं उन्हें नगर के प्रतिष्ठित समाचार पत्र दैनिक जबलपुर दर्पण के प्रधान संपादक माननीय अनिल किशोर सेन ने अपने समाचार पत्र समूह का उप संपादक व सिटी रिपोर्टर्स का महत्वपूर्ण दायित्व सौपा है। जिसे वे पूरी निष्ठा से निभा रहे है। वे समाज की हर अच्छाइयों को प्रकाशित करने के प्रयास में रहते हैं प्रतिभाओं को उजागर करने के प्रयास में लगे रहते हैं। उनकी कार्यशैली से प्रभावित होकर राष्ट्रीय श्रमजीवी पत्रकार परिषद के अध्यक्ष श्री परमानन्द तिवारी, राष्ट्रीय संयोजक श्री नलनि कांत बाजपेयी, देव शंकर अवस्थी, राजेश दुबे, विलोक पाठक, सिमरन शुक्ला,अनुरुद्ध पटेरिया, चन्द्रशेखर शर्मा, शिव कुमार तिवारी, तरुण सोनेनो,शिव चौरसिया ने अनिल शुक्ला को समाज कल्याण प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष का दायित्व सौंपा है। वरिष्ठ नागरिक परिषद के अध्यक्ष श्री काजल विश्वास, सचिव दिव्यकान्त निगम, कोषाध्यक्ष गुरमुख दास ने अनिल शुक्ला को संगठन व प्रचार सचिव मनोनीत किया। अनिल सबको खुशी देना, खुश देखना अपना परम सौभाग्य मानते हैं। परिचितों के जन्मदिन के अवसर पर उनकी अच्छाइयों, प्रतिभाओं और उनके गुणों का वर्णन कर शुभकामनाएं देते हैं।
कोई टूटे तो उसे सजाना सीखो , कोई रूठे तो उसे मनाना सीखो,रिश्ते तो मिलते हैं मुकद्दर से बस उन्हें खूबसूरती से निभाना सीखो। आज अनिल शुक्ल का जन्मदिन है, तो क्यों न इस शुभ दिन पर उनकी असाधारण प्रतिभाओं को उजागर करते हुए हम सब मित्र प्रमोद दुबे,ओम प्रकाश सिंह, सपन सरकार, प्राण नाथ झा, हरिशंकर दुबे,संगम त्रिपाठी,राजेश पाठक, विजय तिवारी किसलय, विजय नेमा अनुज, सुशील श्रीवास्तव, संतोष नेमा, गुरमुखदास तलरेजा, सचिन शर्मा, आशीष कपूर, अखिल मिश्रा, संजय दुबे, रवींद्र मक्कड़,राकेश चौरसिया, शेखर प्रसाद, कुमार जितेंद्र सिंह, आलोक गुप्ता, गुरप्रीत भाटिया, परमानन्द कोरचे, सुनील मसीह,कौस्तुभ सिंह, संतोष सिंह ठाकुर,स्पर्श जैन, मयंक ठाकुर, एस एन ठाकुर, नलिन शर्मा, नरेंद्र पांडेय, ध्रुव शुक्ला, रमेश तिवारी, ज्ञान प्रकाश पांडे,एम एल अग्निहोत्री, रमेश पटेल,संतोष विश्वकर्मा, डॉ आनन्द महोविया, डॉ दिनेश मिश्रा, द्वारका लोधी, सहित अन्य मित्र व शुभचिंतक अपनी दुआओं, आशीर्वाद व स्नेहिल सद्भवना के साथ प्रिय अनिल शुक्ला को शुभकामनाएं और बधाइयां देकर उज्ज्वल भविष्य की मङ्गल कामना करते है।

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